तमिलनाडू

श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 9 मछुआरों को पकड़ा, नाव भी जब्त

Kavita2
13 Aug 2026 9:16 AM IST
श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 9 मछुआरों को पकड़ा, नाव भी जब्त
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रामेश्वरम। श्रीलंकाई नौसेना ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पार कर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में तमिलनाडु के रामेश्वरम के नौ मछुआरों को गिरफ्तार किया है। नौसेना ने जिस मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नाव को रोका, उसे भी अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब रामेश्वरम से 2,000 से अधिक मछुआरे 400 से ज्यादा मशीनीकृत नौकाओं में समुद्र में उतरे थे।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को रामेश्वरम के मछुआरे बड़ी संख्या में समुद्र में गए थे। इनमें से कई नावें कच्चातीवु के आसपास के समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ रही थीं। इसी दौरान श्रीलंकाई नौसेना की गश्ती टीम ने कथित रूप से भारतीय मछुआरों को वहां से हटने के लिए कहा। नौसेना का आरोप है कि एक मशीनीकृत नाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में पहुंच गई थी और वहां मछली पकड़ रही थी।

श्रीलंकाई नौसेना की कार्रवाई के बाद नाव में सवार सभी नौ मछुआरों को हिरासत में ले लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, नाव रामेश्वरम के प्रशांत नामक व्यक्ति की बताई जा रही है। गिरफ्तार मछुआरों में अरुल लोयोला, प्रवीण, सबरी विनोद, कीर्तिसन, सेंथिल, गयास और मलिक दिनार समेत नौ लोग शामिल हैं। हालांकि विभिन्न रिपोर्टों में कुछ नामों की वर्तनी अलग-अलग दी गई है।

हिरासत में लिए जाने के बाद मछुआरों को पहले श्रीलंकाई नौसेना के शिविर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें मत्स्य विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें वावुनिया जेल भेजा गया।

मछुआरों में नाराजगी

मछुआरों की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही रामेश्वरम के मछुआरा संगठनों में नाराजगी फैल गई। संगठनों ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ बातचीत कर गिरफ्तार मछुआरों तथा जब्त नाव की रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की है। मछुआरा प्रतिनिधियों का कहना है कि भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा से जुड़ा विवाद लंबे समय से तमिलनाडु के मछुआरों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है।

गिरफ्तारी के विरोध में रामेश्वरम के मशीनीकृत नाव मछुआरों ने तीन दिन तक समुद्र में नहीं जाने का फैसला भी किया। यह बहिष्कार शुक्रवार से रविवार तक जारी रखने की घोषणा की गई। मछुआरा संगठनों ने कहा कि बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों और नावों की जब्ती से मछुआरों के परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक स्तर पर ठोस बातचीत की मांग की है।

पुराना है समुद्री सीमा विवाद

भारत और श्रीलंका के बीच पाक जलडमरूमध्य तथा मन्नार की खाड़ी में मछली पकड़ने को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। तमिलनाडु के रामेश्वरम, मंडपम और आसपास के तटीय इलाकों के मछुआरे अक्सर कच्चातीवु और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मछली पकड़ने जाते हैं। भारतीय मछुआरों के श्रीलंकाई जलक्षेत्र में पहुंचने के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारी और नावों की जब्ती की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, श्रीलंकाई अधिकारियों ने 2024 में तमिलनाडु के 526 मछुआरों को गिरफ्तार किया था और 72 नावों को जब्त किया था। 2023 में भी 220 मछुआरों की गिरफ्तारी और 33 नावों की जब्ती दर्ज की गई थी। इससे स्पष्ट है कि यह समस्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मछली पकड़ने की समस्या का हिस्सा है।

मछुआरा संगठनों का कहना है कि केवल गिरफ्तारियां और नावों की जब्ती समस्या का समाधान नहीं हैं। उनका तर्क है कि दोनों देशों को ऐसे तंत्र पर सहमति बनानी चाहिए जिससे पारंपरिक मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में मछुआरों की आजीविका सुरक्षित रहे और समुद्री सीमा का उल्लंघन होने की स्थिति में मानवीय तरीके से कार्रवाई की जाए।

वहीं, श्रीलंकाई पक्ष का रुख है कि उसके जलक्षेत्र में भारतीय ट्रॉलर के प्रवेश से स्थानीय मछुआरों की आजीविका और समुद्री संसाधनों पर असर पड़ता है। इसलिए सीमा का उल्लंघन करने वाली नावों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यही मतभेद इस विवाद को लगातार जटिल बनाए हुए हैं।

रामेश्वरम में नौ मछुआरों की ताजा गिरफ्तारी ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकारों के सामने इस पुराने विवाद का स्थायी समाधान निकालने की चुनौती खड़ी कर दी है। मछुआरों और उनके परिवारों की नजर अब इस बात पर है कि भारत सरकार श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ बातचीत कर गिरफ्तार मछुआरों और जब्त नाव की जल्द रिहाई सुनिश्चित कर पाती है या नहीं।

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