तमिलनाडू

राज्यों में गवर्नर बदलाव की अटकलें तेज, अमित शाह से आर.वी. आर्लेकर की मुलाकात

Kavita2
2 July 2026 9:10 AM IST
राज्यों में गवर्नर बदलाव की अटकलें तेज, अमित शाह से आर.वी. आर्लेकर की मुलाकात
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Tamil Nadu तमिलनाडु: राजधानी में यूनियन कैबिनेट और प्रशासनिक स्तर पर संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कुछ राज्यों के राज्यपालों में फेरबदल हो सकता है। इसी चर्चा के बीच केरल और तमिलनाडु के राज्यपाल आर.वी. आर्लेकर ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से उनके कार्यालय में मुलाकात की। यह बैठक लगभग 30 मिनट तक चली।

सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात को प्रशासनिक और संवैधानिक व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इस बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें राज्यपालों की भूमिका और उनकी तैनाती से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

पिछले मार्च में हुए राज्यपालों के फेरबदल के दौरान केरल के राज्यपाल आर.वी. आर्लेकर को राष्ट्रपति द्वारा तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इसके बाद तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए और नई सरकार ने Joseph Vijay के नेतृत्व में कार्यभार संभाला। राजनीतिक परिवर्तन के बाद राज्य प्रशासनिक ढांचे में समन्वय और कार्यप्रणाली को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की स्थिति बनी हुई है।

सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार इस समय राज्यों में प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में यह विचार सामने आया है कि कुछ राज्यों में “केयरटेकर गवर्नर” की जगह पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक निर्णयों में तेजी और स्पष्टता लाई जा सके।

बताया जा रहा है कि इसी योजना के तहत यह भी संभावना पर विचार हो रहा है कि जो राज्यपाल दो राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें किसी एक राज्य की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में आर.वी. आर्लेकर का नाम भी चर्चा में है, जो वर्तमान में दो राज्यों के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।

गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई बैठक में केंद्र सरकार की ओर से राज्यपालों की नियुक्ति, प्रशासनिक संतुलन और राज्यों में बेहतर समन्वय की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि किसी भी प्रकार के अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है।

राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह केंद्र सरकार की सामान्य प्रशासनिक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है, जबकि कुछ लोग इसे संभावित बड़े प्रशासनिक फेरबदल का संकेत मान रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार का फोकस इस समय राज्यों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने पर है। इसी कारण से राज्यपालों की भूमिका और उनके कार्यक्षेत्र की समीक्षा भी की जा रही है। प्रशासनिक तंत्र को सरल और तेज बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो गृह मंत्रालय और न ही राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को लेकर चर्चा लगातार जारी है।

आने वाले दिनों में यदि किसी प्रकार का प्रशासनिक निर्णय सामने आता है, तो राज्यपालों की सूची में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह केवल नियमित समीक्षा प्रक्रिया है या किसी बड़े फेरबदल की तैयारी।

इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।

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