
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा में AIADMK के भीतर चल रहे गुटबाजी विवाद पर गुरुवार (28 मई) को अहम फैसला आने वाला है। विधानसभा स्पीकर जे.सी.टी. प्रभाकर ने कहा है कि वह पार्टी के दो अलग-अलग गुटों की पिटीशन पर आज निर्णय सुनाएंगे। इस फैसले को राज्य की राजनीतिक दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामला तब शुरू हुआ जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद AIADMK के भीतर असंतोष बढ़ गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम के नेतृत्व में एक गुट ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ रुख अपनाया। इस गुट के कई विधायकों ने जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी पलानीस्वामी के खिलाफ असहमति जताई, जिससे पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा हो गई।
सूत्रों के अनुसार, एस.पी. वेलुमणि के गुट के लगभग 25 विधायकों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में विश्वास मत के दौरान समर्थन दिया था। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरूनी विवाद को और गहरा कर दिया।
इस बीच, विधानसभा में दोनों गुटों की ओर से अलग-अलग दावे पेश किए गए हैं। एक समूह ने मांग की कि एडप्पादी पलानीस्वामी को AIADMK विधायक दल का नेता घोषित किया जाए और अग्री कृष्णमूर्ति को व्हिप नियुक्त किया जाए। वहीं, दूसरे गुट ने एस.पी. वेलुमणि को विधायक दल का नेता और विजयभास्कर को व्हिप बनाने की मांग की।
दोनों ही पक्षों ने इस संबंध में विधानसभा स्पीकर को याचिकाएं सौंपी थीं। हालांकि, स्पीकर ने अब तक इस मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया था, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी हुई थी।
इसके बाद, एडप्पादी पलानीस्वामी की ओर से भी स्पीकर को एक अलग याचिका दी गई, जिसमें उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है जिन्होंने कथित रूप से पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर सरकार का समर्थन किया। इस याचिका में एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
अब स्पीकर के आज के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे न केवल AIADMK की अंदरूनी राजनीति तय होगी, बल्कि तमिलनाडु विधानसभा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आने वाले समय में पार्टी की एकता और राज्य की राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सभी पक्ष स्पीकर के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।





