
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई स्थित दक्षिण रेलवे ने वर्ष 2025-2026 में स्पेशल ट्रेनों के संचालन में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में 229 स्पेशल ट्रेनें चलाकर दक्षिण रेलवे देशभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। रेलवे ने यह जानकारी शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
रेलवे के अनुसार, त्योहारों के मौसम और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस वर्ष विशेष ट्रेनों का व्यापक संचालन किया गया। अकेले 2025-2026 में दक्षिण रेलवे ने कुल 2,153 स्पेशल ट्रिप्स का संचालन किया, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली। इन ट्रेनों के माध्यम से लगभग 32.98 लाख यात्रियों ने यात्रा की और इससे रेलवे को 243.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, स्पेशल ट्रेनों की औसत क्षमता और उपयोग में भी सुधार देखा गया है। एक स्पेशल ट्रेन में औसतन 1,312 यात्रियों ने यात्रा की, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वहीं भारतीय रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में औसतन एक स्पेशल ट्रेन में लगभग 894 यात्रियों ने सफर किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि दक्षिण रेलवे की स्पेशल ट्रेनें अधिक प्रभावी और उपयोगी साबित हुई हैं।
दक्षिण रेलवे ने यह भी बताया कि वर्ष के दौरान कुल 1,762 बार बिना आरक्षण वाली स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गईं, ताकि अचानक बढ़ने वाली भीड़ और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके। इन ट्रेनों ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों के दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की मांग और प्रतीक्षा सूची पर लगातार नजर रखी जाती है। इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें यात्रियों को एसएमएस अलर्ट के जरिए ट्रेन की उपलब्धता और भीड़ की जानकारी दी जाती है। इससे जरूरत के अनुसार तुरंत स्पेशल ट्रेनें चलाने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, वेबसाइट, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों का भी उपयोग किया। इसका उद्देश्य यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराना और यात्रा को आसान बनाना है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा सिस्टम यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। त्योहारों के समय जब सामान्य ट्रेनों में भारी भीड़ हो जाती है, तब स्पेशल ट्रेनें एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में काम करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण रेलवे की यह उपलब्धि न केवल संचालन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि तकनीक और डेटा-आधारित प्रबंधन से रेलवे सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए भविष्य में स्पेशल ट्रेनों की संख्या और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
इस उपलब्धि के साथ दक्षिण रेलवे ने यह साबित किया है कि सही योजना और त्वरित निर्णय प्रणाली के जरिए यात्रियों की भीड़ को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सकता है।





