तमिलनाडू

चुनाव के बाद Chennai में शेल्टर होम्स के सुधार कार्य शुरू होंगे

Ratna Netam
17 April 2026 2:19 PM IST
Chennai.चेन्नई: चेन्नई नगर निगम ने शहर में स्थित कई रैन बसेरों (शेल्टर होम्स) के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की योजना की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य नगर निगम चुनाव के बाद चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य शहर में रहने वाले बेघर और जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में शहर में कई रैन बसेरे हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति काफी पुरानी हो चुकी है। इन रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव की समस्याएं सामने आ रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए इनके पुनर्विकास का निर्णय लिया गया है।
योजना के तहत रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा, जिसमें साफ-सफाई, बेहतर बिस्तर व्यवस्था, पेयजल सुविधा, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा कुछ शेल्टर होम्स को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा ताकि वहां रहने वालों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
नगर निगम का कहना है कि यह पहल विशेष रूप से सर्दियों और बारिश के मौसम में बेघर लोगों की समस्याओं को कम करने में मदद करेगी। शहर में बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो अस्थायी रूप से रैन बसेरों पर निर्भर रहते हैं, इसलिए इनका सुधार बेहद जरूरी है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि नवीनीकरण कार्य के दौरान सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं की मदद भी ली जाएगी, ताकि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके। इसके साथ ही नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे सुविधाओं का स्तर लगातार बना रहे।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम शहर में सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो जरूरतमंद लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी विकास के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना भी आवश्यक है। रैन बसेरों का नवीनीकरण न केवल बेघर लोगों को राहत देगा, बल्कि शहर की सामाजिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करेगा।
नगर निगम ने संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से सभी रैन बसेरों को अपग्रेड किया जाएगा।
कुल मिलाकर, चेन्नई नगर निगम का यह फैसला शहर में रहने वाले कमजोर वर्गों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
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