
Tamil Nadu तमिलनाडु: मदुरै सेंट्रल विधानसभा सीट से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें चुनावी नामांकन में कथित रूप से संपत्ति और कंपनियों से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में शकीला नाम की याचिकाकर्ता ने Madras High Court में एक याचिका दायर की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि निर्देशक सुंदर सी, जो AIADMK गठबंधन के तहत न्यू जस्टिस पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं, ने अपने नामांकन पत्र में कुछ कंपनियों की जानकारी नहीं दी। इनमें अवनी टेली मीडिया, अवनी मूवीज और अवनी सिनेमाज शामिल हैं। याचिका में दावा किया गया कि वे इन कंपनियों के डायरेक्टर और शेयरहोल्डर हैं और इनसे उन्हें करोड़ों रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हुआ है, लेकिन इसका विवरण नामांकन में नहीं दिया गया।
याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी मांग की थी कि इस मामले की जांच इनकम टैक्स विभाग को सौंपी जाए ताकि वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़ी जानकारी की जांच हो सके।
इस मामले की सुनवाई सोमवार को मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुलमुरुगन की खंडपीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
अदालत ने मामले पर विचार करने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की शिकायतों के लिए याचिकाकर्ता सीधे संबंधित विभाग, यानी इनकम टैक्स विभाग से संपर्क कर सकता है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति में न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है।
इस फैसले के बाद मामला अदालत स्तर पर समाप्त हो गया, जबकि अब यदि याचिकाकर्ता चाहे तो वह इनकम टैक्स विभाग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
यह मामला चुनावी हलचल के बीच सामने आया था, जहां विभिन्न दलों के उम्मीदवारों की संपत्ति और वित्तीय जानकारी को लेकर जांच और पारदर्शिता की मांग तेज हो रही है। हालांकि, अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई अब प्रशासनिक स्तर पर ही संभव होगी।





