
Tamil Nadu तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव के दौरान नाम तमिल पार्टी के चीफ कोऑर्डिनेटर सीमन ने गुरुवार को चेन्नई के नीलांकरई इलाके में अपना वोट डाला। राज्य में सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने अधिकार का उपयोग किया। इसी बीच राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मतदान में भाग लेकर लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित किया।
मतदान के बाद सीमन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वोट न देना लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदान से दूर रहने वालों को यह समझना चाहिए कि वे न केवल अपने अधिकार का उपयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सवाल उठता है कि क्या लोग उम्मीदवारों पर भरोसा नहीं करते या फिर देश के लोकतांत्रिक सिस्टम पर उनका विश्वास कमजोर हो गया है।
सीमन ने कहा कि चुनाव आयोग लगातार अधिक से अधिक मतदान को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है और 100 प्रतिशत मतदान पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है और एक-एक वोट मिलकर बदलाव लाता है।
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि केवल कानून तोड़ना ही अपराध नहीं है, बल्कि वोट न देना भी एक तरह का गलत कार्य है, जो लोकतंत्र के खिलाफ जाता है। उनके अनुसार, समाज के पढ़े-लिखे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें और जागरूक बनाएं।
सीमन ने कहा कि लोगों को यह सोच छोड़ देनी चाहिए कि एक वोट से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली बदलाव हर वोट से आता है और लोकतंत्र की मजबूती इसी भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वोट देना केवल अधिकार ही नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी और कर्तव्य भी है।
चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की कतारें देखी गईं और मतदाताओं में उत्साह बना रहा।
राज्य में कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाला और लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। चुनाव आयोग की ओर से भी लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके।
सीमन के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन मतदान को लेकर जागरूकता का संदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान चेन्नई में मतदान का माहौल सक्रिय रहा और सीमन के बयान ने वोटिंग की अहमियत को लेकर एक बार फिर बहस को जन्म दिया है।





