
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार को आदेश दिया कि वह कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के आदेशों के अनुसार तमिलनाडु को कावेरी का पानी लगातार छोड़ना सुनिश्चित करे। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
राज्य ने कर्नाटक से मांग की है कि वह आनुपातिक फॉर्मूले के आधार पर 31 अगस्त, 2026 तक 36.635 से 37 TMCft पानी छोड़े। CWMA ने पहले कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह 27 अगस्त तक तमिलनाडु को हर दिन 12,000 क्यूसेक या 1.036 TMCft पानी छोड़े।
सोमवार को तमिलनाडु के वकील सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कर्नाटक राज्य के भीतर सिंचाई के लिए पानी छोड़ रहा था, लेकिन वह तमिलनाडु तक नहीं पहुँच रहा था। उन्होंने कहा, "उनके जलाशयों में 76% क्षमता है। उन्होंने 16 अगस्त तक केवल 14.814 TMCft पानी छोड़ा है। अभी भी 20 TMCft पानी छोड़ा जाना बाकी है।"





