तमिलनाडू
सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में रिटायर्ड कैप्टन गिरफ्तार
Ratna Netam
25 Oct 2026 2:58 PM IST

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वेल्लोर। तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में भारतीय सेना से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और सैन्य उपकरणों की जानकारी कथित तौर पर लीक करने का गंभीर मामला सामने आया है। कानियामबाडी पुलिस ने सेना के 52 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पूर्व सैन्य अधिकारी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक अज्ञात महिला को सेना की संवेदनशील जानकारी और सैन्य उपकरणों से संबंधित विवरण साझा किए। इस मामले ने सैन्य सूचनाओं की गोपनीयता और डिजिटल माध्यमों से संवेदनशील जानकारी साझा किए जाने के जोखिम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बाबू (52) के रूप में हुई है। वह वेल्लोर जिले के कानियामबाडी के पास स्थित कीझवल्लम गांव का निवासी है। बाबू भारतीय सेना में लंबे समय तक कार्यरत रहा और पिछले साल ही कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुआ था।
भारतीय सेना में 28 साल तक दी सेवाएं
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बाबू ने भारतीय सेना की विभिन्न डिवीजनों में करीब 28 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी थीं। इस दौरान वह सेना के अलग-अलग विभागों में तैनात रहा। सेवानिवृत्ति से पहले वह सेना के उपकरण विभाग से जुड़ा हुआ था।पिछले साल कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बाबू अपने पैतृक गांव कीझवल्लम लौट आया था। वह गांव में रहकर सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन व्यतीत कर रहा था।हालांकि, अब उस पर सेना से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात महिला के साथ साझा करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में उसे गिरफ्तार किया है।
व्हाट्सएप के जरिए जानकारी साझा करने का आरोप
कानियामबाडी पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर आरोप है कि उसने व्हाट्सएप के माध्यम से एक महिला को सेना की गोपनीय जानकारी और सैन्य उपकरणों से जुड़े विवरण भेजे।हालांकि, महिला की पहचान और उससे आरोपी के संपर्क में आने की परिस्थितियों के बारे में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि महिला भारत में रहती है या किसी दूसरे देश से संपर्क कर रही थी।इस मामले में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित तौर पर साझा की गई जानकारी किस प्रकार की थी और उसका संबंध सेना की किन गतिविधियों या उपकरणों से था।
सैन्य उपकरणों से जुड़ी जानकारी पर सवाल
आरोपी के सेना के उपकरण विभाग में कार्यरत रहने के कारण मामला संवेदनशील माना जा रहा है। सेना में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, उनकी तकनीकी विशेषताओं और संचालन संबंधी कुछ जानकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से गोपनीय रखा जाता है।ऐसी जानकारी अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंचने से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले में कथित तौर पर साझा की गई सामग्री की वास्तविक संवेदनशीलता और उसका संभावित प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।यह भी सामने नहीं आया है कि आरोपी ने महिला को जानकारी किस उद्देश्य से भेजी थी या इसके बदले किसी प्रकार का आर्थिक लाभ प्राप्त किया था।
अज्ञात महिला की पहचान महत्वपूर्ण
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू उस अज्ञात महिला की पहचान है, जिसके साथ आरोपी ने कथित तौर पर सेना से जुड़ी जानकारी साझा की थी।डिजिटल माध्यमों से संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किए जाने की आशंका सामान्य तौर पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रहती है। हालांकि, वेल्लोर के इस मामले में महिला द्वारा फर्जी पहचान इस्तेमाल किए जाने या किसी विदेशी एजेंसी से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे में महिला की पहचान, आरोपी के साथ उसके संपर्क की प्रकृति और साझा किए गए संदेशों की वास्तविक सामग्री जैसे पहलू मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
कानियामबाडी पुलिस ने आरोपी बाबू को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, उसके खिलाफ किन कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और क्या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किया गया है, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।सेना में 28 वर्षों तक सेवा देने वाले एक पूर्व अधिकारी पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगना गंभीर विषय है। इस घटना ने सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के पास मौजूद संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा पैदा की है।फिलहाल, पुलिस की ओर से बताई गई गिरफ्तारी और आरोपों के आधार पर ही मामला सामने आया है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
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