
चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने तिरुप्पुर जिले के लोगों की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अमरावती डैम से छह दिनों तक पानी छोड़ने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय के निर्देश पर राज्य सरकार ने बुधवार, 15 जुलाई से 21 जुलाई तक अमरावती बांध से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने की अनुमति प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य तिरुप्पुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना और लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराना है।
तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने संबंधित विभागों की सिफारिशों और जिले की मौजूदा जल आवश्यकता की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। आदेश में कहा गया है कि 15 जुलाई से 21 जुलाई तक छह दिनों की अवधि में अमरावती डैम से नदी के स्लुइस (Sluice) के माध्यम से अमरावती नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इस दौरान छोड़े जाने वाले पानी की कुल मात्रा 414.72 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) से अधिक नहीं होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पानी छोड़ने का उद्देश्य केवल तिरुप्पुर जिले की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पानी का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आपूर्ति के लिए सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके।
अमरावती डैम तमिलनाडु के प्रमुख जलाशयों में शामिल है और यह तिरुप्पुर सहित आसपास के कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत माना जाता है। मानसून की अनिश्चितता और बढ़ती जल मांग को देखते हुए समय-समय पर बांध से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जाता है। इस बार भी सरकार ने उपलब्ध जल भंडारण और भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद सीमित मात्रा में पानी छोड़ने का निर्णय लिया है।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जल संसाधन विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पानी का प्रवाह पूरी तरह नियंत्रित रहे और निर्धारित सीमा से अधिक पानी न छोड़ा जाए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को जल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से तिरुप्पुर जिले में कई दिनों से महसूस की जा रही पेयजल समस्या में राहत मिलेगी। गर्मी और कम वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में जल स्रोतों पर दबाव बढ़ गया था, जिससे नियमित जलापूर्ति प्रभावित हो रही थी। अब बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जलापूर्ति योजनाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है।
स्थानीय निकायों और पेयजल आपूर्ति से जुड़े विभागों को भी निर्देश दिया गया है कि उपलब्ध पानी का समुचित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
सरकार ने किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि पानी नियंत्रित मात्रा में छोड़ा जाएगा, फिर भी नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को नदी किनारे के क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों को समय रहते सूचना देने को कहा गया है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पानी छोड़ने की पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रतिदिन जल प्रवाह, जलस्तर और वितरण व्यवस्था की समीक्षा होगी, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। यदि परिस्थितियों में बदलाव होता है तो सरकार आवश्यकतानुसार आगे का निर्णय ले सकती है।
तिरुप्पुर जिला औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है और यहां बड़ी आबादी पेयजल योजनाओं पर निर्भर है। ऐसे में अमरावती डैम से पानी छोड़ने का यह निर्णय न केवल आम नागरिकों बल्कि स्थानीय प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जिले में पेयजल संकट को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
तमिलनाडु सरकार ने दोहराया है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां उपलब्ध संसाधनों के आधार पर समय पर निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय के निर्देश पर जारी यह आदेश इसी नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को बिना बाधा सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना और जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना है।
सरकार ने संबंधित सभी विभागों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। अब आगामी छह दिनों तक अमरावती डैम से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जाएगा, जिससे तिरुप्पुर जिले के हजारों परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।





