
Tamil Nadu तमिलनाडु: हैंडलूम और टेक्सटाइल्स मंत्री एम. विजय बालाजी ने कहा है कि वेल्लोर जिले में ब्रह्मपुरम और रंगपुरम के बीच पाला नदी पर बनी नई सड़क का नाम कृपानंद वारियार के नाम पर रखने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाएगा। यह बयान उन्होंने कटपडी गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां वे नई विकास परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कटपडी, अनिकुट्टू और गुडियाथम यूनियन के अंतर्गत आने वाले तीन स्कूलों में कुल 5.92 करोड़ रुपये की लागत से 23 नए क्लासरूम बनाए गए हैं। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और भीड़भाड़ की समस्या को कम करना है।
इसके अलावा के.वी. कुप्पम यूनियन में कवनूर और पासुमथुर पंचायतों में दो अतिरिक्त लाइब्रेरी भवनों का निर्माण किया गया है। इन प्रत्येक लाइब्रेरी पर 22 लाख रुपये की लागत आई है। इन भवनों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई और ज्ञान संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
इसी तरह क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास के तहत भी कई निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। कटपडी यूनियन के थेनपल्ली में 16 लाख रुपये की लागत से तीन नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए गए हैं। वहीं के.वी. कुप्पम यूनियन में 16.55 लाख रुपये की लागत से और अनिकुट यूनियन के रवांकड़ क्षेत्र में 16.45 लाख रुपये की लागत से तीन-तीन आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य छोटे बच्चों और माताओं को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री एम. विजय बालाजी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल एक ऐसा स्थान है जहां सभी छात्र बिना किसी भेदभाव के एक साथ सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिफॉर्म का उद्देश्य छात्रों के बीच समानता स्थापित करना है ताकि किसी प्रकार का सामाजिक या आर्थिक भेदभाव न रहे।
मंत्री ने आगे कहा कि अनुशासन शिक्षा का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जितना कि पढ़ाई। उनके अनुसार, जो शिक्षक अनुशासन सिखाते हैं, उनका सम्मान माता-पिता के समान किया जाना चाहिए क्योंकि वे बच्चों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और मूल्यों का पालन जरूरी है।
उन्होंने इस अवसर पर नई परियोजनाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को समान रूप से विकसित करना है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के छात्रों को बेहतर वातावरण और अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। नई कक्षाओं और अन्य निर्माण कार्यों के उद्घाटन को लेकर क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखा गया।
मंत्री के इस दौरे और घोषणाओं को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा, पुस्तकालय और बाल विकास से जुड़े ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।





