
Tamil Nadu तमिलनाडु: केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा है कि अनाइमंगलम तांबे के सिक्कों को जल्द से जल्द तमिलनाडु लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक वापस लाने और संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
रविवार को प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड का प्रसारण किया गया। इस कार्यक्रम को देशभर में सुना गया। इसी दौरान नरेंद्र मोदी के विचार और संदेश जनता तक पहुंचे। कार्यक्रम के प्रसारण के अवसर पर एल. मुरुगन चेन्नई के कोयम्बेडु इलाके में मौजूद रहे और उन्होंने आम लोगों के साथ मिलकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने जनता के बीच बैठकर रेडियो प्रसारण सुना और लोगों से बातचीत भी की।
एल. मुरुगन ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की विदेश यात्रा के दौरान नीदरलैंड से चोल काल से जुड़ी अनाइमंगलम तांबे की प्लेटें भारत वापस लाई गईं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक धरोहर देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे सुरक्षित रूप से भारत में वापस लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि इन धरोहरों को आगे तमिलनाडु लाने के लिए भी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि प्राचीन भारतीय सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक अवशेषों को उनके मूल क्षेत्रों में सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाए, ताकि लोग अपनी विरासत को और बेहतर तरीके से समझ और देख सकें। कोयम्बेडु में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम को ध्यान से सुना और प्रधानमंत्री के संदेशों पर चर्चा की।
इस पूरे घटनाक्रम को सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण और जनसंपर्क के एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को भी बढ़ावा मिला है।





