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तमिलनाडु सरकार पर प्रेमलता विजयकांत का हमला, बोलीं- जो कहती है वह करती नहीं

Kavita2
26 July 2026 9:35 AM IST
तमिलनाडु सरकार पर प्रेमलता विजयकांत का हमला, बोलीं- जो कहती है वह करती नहीं
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कुड्डालोर : डीएमडीके (DMDK) की महासचिव और विरुधाचलम विधानसभा क्षेत्र की विधायक प्रेमलता विजयकांत ने तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अपने वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की घोषणाएं और जमीनी स्तर पर किए जाने वाले कामों में काफी अंतर है। जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।

प्रेमलता विजयकांत ने यह बयान शनिवार को कुड्डालोर जिले के विरुधाचलम ब्लॉक में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिया। उन्होंने सबसे पहले सथुकुडल स्थित डायरेक्ट पैडी प्रोक्योरमेंट सेंटर (धान खरीद केंद्र) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और धान खरीद प्रक्रिया की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान किसानों ने प्रेमलता विजयकांत के सामने कई समस्याएं रखीं। किसानों ने विशेष रूप से धान के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की मांग की। उनका कहना था कि बारिश के मौसम में खुले स्थानों पर रखे धान के भीगने का खतरा बना रहता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

किसानों ने मांग की कि धान को बारिश और खराब मौसम से बचाने के लिए क्षेत्र में एक स्थायी स्टोरेज गोदाम का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उचित भंडारण व्यवस्था उपलब्ध हो जाए तो किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और उन्हें जल्दबाजी में कम कीमत पर धान बेचने की मजबूरी नहीं होगी।

प्रेमलता विजयकांत ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि किसानों की मांग जायज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और सुविधाओं की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। धान खरीद केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था, पर्याप्त भंडारण सुविधा और समय पर भुगतान जैसी सुविधाएं किसानों का अधिकार हैं।

धान खरीद केंद्र के निरीक्षण के बाद प्रेमलता विजयकांत ने तिरुवल्लुवर क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। उन्होंने लोगों की अर्जियां स्वीकार कीं और उनकी समस्याओं को सुना। लोगों ने सड़क, पेयजल, सरकारी सुविधाओं और स्थानीय विकास से जुड़े कई मुद्दे उनके सामने रखे।

प्रेमलता विजयकांत ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनका दायित्व है कि वह जनता की आवाज को मजबूती से उठाएं और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करें।

इसके बाद उन्होंने कोनानकुप्पम स्थित हियरिंग इम्पैयर्ड स्कूल (श्रवण बाधित बच्चों के विद्यालय) का दौरा किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से मुलाकात की, उनकी पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनका उत्साह बढ़ाया।

स्कूल दौरे के दौरान प्रेमलता विजयकांत ने छात्रों को भोजन भी वितरित किया। उन्होंने कहा कि विशेष जरूरत वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे संस्थानों को सरकार और समाज दोनों की ओर से सहयोग मिलना चाहिए, ताकि बच्चे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन से भी बातचीत की और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उचित अवसर मिलने पर ये विद्यार्थी समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, प्रेमलता विजयकांत का यह दौरा क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने एक ही दिन में किसानों, आम जनता और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को उठाकर स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया।

प्रेमलता विजयकांत ने राज्य सरकार से अपील की कि वह जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे और केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों, गरीबों और जरूरतमंद लोगों के हित में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

कुल मिलाकर, डीएमडीके नेता प्रेमलता विजयकांत ने अपने क्षेत्र के दौरे के दौरान किसानों की समस्याओं, जनता की शिकायतों और विशेष बच्चों की जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तमिलनाडु सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक काम चाहती है।

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