
Tamil Nadu तमिलनाडु: दक्षिण रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ और यात्रा सुविधा को देखते हुए पोदनूर और चेन्नई सेंट्रल के बीच चल रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन सेवा को 9 अतिरिक्त दिनों के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। यह निर्णय उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है जो गर्मी के मौसम और छुट्टियों के दौरान इस रूट पर लगातार सफर कर रहे हैं। रेलवे की ओर से बताया गया है कि पोदनूर से चेन्नई सेंट्रल के बीच चलाई जा रही यह विशेष ट्रेन सेवा पहले तय समय के अनुसार कुछ चुनिंदा तारीखों तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसे विस्तार दिया गया है ताकि ज्यादा यात्रियों को सुविधा मिल सके।
इस सेवा के तहत ट्रेन नंबर 06028 पोदनूर से चेन्नई सेंट्रल के लिए चलाई जा रही है। यह ट्रेन जून महीने की 20, 21, 23, 28, 29 और 30 तारीख के साथ-साथ जुलाई की 3, 4 और 5 तारीख को भी चलेगी। यह ट्रेन हर निर्धारित दिन सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर पोदनूर से रवाना होगी और उसी दिन शाम 4 बजकर 45 मिनट पर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन के समय को इस तरह निर्धारित किया गया है कि यात्रियों को दिन के समय यात्रा करने की सुविधा मिल सके और वे शाम तक अपने गंतव्य पर पहुंच जाएं।
वहीं वापसी दिशा में चेन्नई सेंट्रल से पोदनूर के लिए ट्रेन नंबर 06027 चलाई जा रही है। यह ट्रेन भी उन्हीं निर्धारित तारीखों पर उपलब्ध रहेगी। यह ट्रेन चेन्नई सेंट्रल से शाम 5 बजकर 45 मिनट पर प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 3 बजे पोदनूर स्टेशन पर पहुंचेगी। इस रूट की यह रात्री सेवा उन यात्रियों के लिए उपयोगी है जो दिनभर काम या अन्य गतिविधियों के बाद रात में यात्रा करना पसंद करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस स्पेशल ट्रेन सेवा को बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना और नियमित ट्रेनों पर दबाव को कम करना है। चेन्नई और कोयंबटूर क्षेत्र के बीच लगातार यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में इस तरह की अतिरिक्त सेवाएं लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही हैं। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और छात्र इस रूट पर बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं, जिनके लिए यह ट्रेन एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आई है।
दक्षिण रेलवे का कहना है कि यात्रियों की मांग और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं चलाई जा सकती हैं। फिलहाल इस विस्तार से हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और उन्हें टिकट की उपलब्धता को लेकर होने वाली परेशानी से भी कुछ हद तक राहत मिलेगी।
यह सेवा न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। रेलवे का यह कदम दक्षिण भारत में रेल नेटवर्क की दक्षता और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।





