
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवन्नामलाई जिले में 15 वर्षीय लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। AIADMK और BJP ने इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ DMK सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
मामला 20 अप्रैल को तिरुवन्नामलाई जिले के ब्रह्मदेशम इलाके का बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर आठ अज्ञात व्यक्तियों ने नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता कांचीपुरम जिले की रहने वाली है और घटना के समय वह अपने रिश्तेदार के घर तिरुवन्नामलाई में मौजूद थी।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि DMK के पिछले पांच वर्षों के शासन में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और नशा तस्करी से जुड़े मुद्दे लगातार गंभीर बने हुए हैं।
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर होती, तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि AIADMK की सरकार आने पर वह तीन महीनों के भीतर कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे और राज्य में बढ़ते नशीले पदार्थों के व्यापार को समाप्त करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
इसी मुद्दे पर BJP ने भी DMK सरकार पर हमला बोला है और आरोप लगाया है कि राज्य में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि सरकार की विफलता को दर्शाती है।
विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत सख्त कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने राज्य की राजनीति को और अधिक गर्म कर दिया है, खासकर चुनावी माहौल के बीच। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है, जबकि सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
कुल मिलाकर, तिरुवन्नामलाई की यह घटना न केवल गंभीर अपराध का मामला है, बल्कि इसने तमिलनाडु की राजनीति में भी तीखी बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।





