तमिलनाडू

जेम वीरमणी POCSO मामले में सियासी घमासान

Ratna Netam
28 Sept 2026 6:17 PM IST
जेम वीरमणी POCSO मामले में सियासी घमासान
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चेन्नई : जेम वीरमणी से जुड़े POCSO मामले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के कोषाध्यक्ष और लोकसभा में पार्टी के ग्रुप लीडर टी.आर. बालू ने इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के पास शिकायत याचिका दाखिल की है।टीआर बालू ने अपनी शिकायत में मांग की है कि मुख्यमंत्री विजय, मंत्री आधव अर्जुन और सी.टी.आर. निर्मलकुमार को पूछताछ के लिए बुलाया जाए और उनके पास मौजूद कथित सबूतों को जांच के लिए हासिल किया जाए।उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने DMK के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं और अब उन आरोपों की जांच होनी चाहिए।
DMK नेता ने आरोपों के सबूत मांगे
टीआर बालू ने SIT को दी गई शिकायत में कहा कि मुख्यमंत्री विजय और अन्य नेताओं ने DMK पर जेम वीरमणी मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।बालू के अनुसार, यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश किया जाना चाहिए।उन्होंने SIT से आग्रह किया कि संबंधित नेताओं से पूछताछ कर उनके पास उपलब्ध जानकारी और दस्तावेज हासिल किए जाएं, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
मुख्यमंत्री विजय के बयान का किया जिक्र
अपनी शिकायत में टीआर बालू ने 25 सितंबर को मुख्यमंत्री विजय की ओर से दिए गए बयान का उल्लेख किया।बालू का आरोप है कि मुख्यमंत्री विजय ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि DMK ने जेम वीरमणी को बचाया था।DMK नेता ने कहा कि इस तरह के आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जरूरी है।
आधव अर्जुन और कानून मंत्री के बयान पर आपत्ति
टीआर बालू ने अपनी शिकायत में मंत्री आधव अर्जुन के बयान का भी जिक्र किया।उन्होंने आरोप लगाया कि आधव अर्जुन ने भी कहा था कि DMK ने जेम वीरमणी को बचाया और उनके खिलाफ दर्ज मामले को गलत तरीके से बंद कर दिया गया।इसके अलावा बालू ने कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को DMK पर जेम वीरमणी को बचाने के बदले 500 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था।बालू ने इन आरोपों को गलत बताते हुए जांच की मांग की है।
SIT से कार्रवाई की मांग
DMK नेता ने SIT से कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उनसे पूछताछ की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों के आधार और सबूतों की जांच जरूरी है।उन्होंने SIT से संबंधित नेताओं के बयान दर्ज करने और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच प्रक्रिया में शामिल करने का अनुरोध किया है।
राजनीतिक विवाद तेज
जेम वीरमणी POCSO मामले को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।DMK ने जहां आरोपों को खारिज करते हुए जांच की मांग उठाई है, वहीं विपक्षी नेताओं की ओर से लगातार सरकार और पार्टी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।इस विवाद के बीच टीआर बालू की SIT में शिकायत से मामला और राजनीतिक रूप से गरमा गया है।
जांच प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजर SIT की आगे की कार्रवाई पर है। शिकायत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी संबंधित नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाती है या नहीं।साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य सबूत जांच एजेंसी के सामने पेश किए जाते हैं या नहीं।फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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