तमिलनाडू

तमिलनाडु में सियासी घमासान, कनिमोझी ने TVK पर साधा निशाना

Ratna Netam
26 Oct 2026 2:21 PM IST
तमिलनाडु में सियासी घमासान, कनिमोझी ने TVK पर साधा निशाना
x
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के बीच राजनीतिक बयानबाजी चर्चा में है। डीएमके की उप महासचिव कनिमोझी ने TVK को जवाब देते हुए कहा कि पूरा राज्य तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उनके इस बयान के बाद दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।तमिलनाडु की राजनीति में TVK के सक्रिय होने के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। विजय की पार्टी खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करती रही है। वहीं, डीएमके राज्य में अपने संगठन और सरकार की नीतियों के आधार पर राजनीतिक गतिविधियां आगे बढ़ा रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
कनिमोझी ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर TVK सरकार की आलोचना की है। इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य में हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और अन्य गंभीर घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार से सवाल किया था कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।कनिमोझी ने यह भी आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उनके मुताबिक, सरकार को राजनीतिक प्रचार से अधिक प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री विजय पर भी साधा निशाना
डीएमके नेता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। कनिमोझी का आरोप है कि TVK ने जनता से कई वादे किए थे, लेकिन सरकार उन वादों को पूरा करने और बेहतर प्रशासन देने में सफल नहीं हुई है।उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सरकारी अस्पतालों की स्थिति, औद्योगिक निवेश और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। कनिमोझी ने दावा किया कि केवल प्रचार और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की उपलब्धियां बताने से जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
TVK और DMK के बीच बढ़ रहा राजनीतिक टकराव
तमिलनाडु में डीएमके और TVK के बीच राजनीतिक मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। डीएमके जहां राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रही है, वहीं TVK के नेता भी पूर्व डीएमके सरकार के रिकॉर्ड को लेकर जवाब दे रहे हैं।26 अक्टूबर को TVK सरकार के मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन की आलोचना करते हुए पूर्व सरकार के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने डीएमके के आरोपों पर सवाल खड़े किए।
जनता की सुरक्षा और विकास पर राजनीतिक बहस
राज्य में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को इन विषयों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल अपने कामकाज का बचाव करते हुए विपक्ष के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठा रहा है।कनिमोझी के बयान ने इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाया है। उन्होंने राज्य की परिस्थितियों को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की है।फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रदर्शन को लेकर यह राजनीतिक टकराव और चर्चा का विषय बना रह सकता है।
Next Story