
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां AIADMK के चार विधायकों के इस्तीफे और उनके सत्तारूढ़ TVK में शामिल होने के बाद सियासी तनाव बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को AIADMK प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।
AIADMK के व्हिप अग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि चार विधायकों के इस्तीफे के बाद कथित रूप से सत्तारूढ़ TVK द्वारा किए जा रहे “हॉर्स-ट्रेडिंग” के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार, AIADMK के चार विधायक—के. मरागाथम कुमारवेल (मदुरंथकम विधानसभा सीट), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई), पी. सत्यभामा (धारापुरम) और एसाक्की सुबाया (अंबासमुद्रम)—ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन सभी विधायकों ने बाद में सत्तारूढ़ टीवीके (TVK) में शामिल होने का निर्णय लिया।
इन इस्तीफों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल AIADMK ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है। पार्टी का आरोप है कि विधायकों को प्रभावित कर पार्टी बदलने के लिए प्रेरित किया गया, जो कि राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है।
AIADMK नेताओं ने राज्यपाल से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने और उचित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं और जनता के जनादेश का अपमान हैं।
वहीं, इस घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ TVK की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस कदम को सरकार की ताकत बढ़ाने और विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चार विधायकों का एक साथ इस्तीफा देना और सत्ताधारी दल में शामिल होना राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, राज्यपाल से मुलाकात के बाद AIADMK ने उम्मीद जताई है कि संवैधानिक स्तर पर इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





