
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में सरकारी TASMAC शराब दुकानों को लेकर जारी बंदी आदेश पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। PMK नेता अंबुमणि रामदास ने शनिवार को राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा दिए गए 717 शराब दुकानों को बंद करने के आदेश को तुरंत और पूरी तरह से लागू किया जाए।
अंबुमणि रामदास ने अपने बयान में कहा कि 10 मई को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद राज्य सरकार ने दो सप्ताह के भीतर TASMAC से जुड़ी कुल 717 शराब दुकानों को बंद करने का निर्देश जारी किया था। हालांकि, उनका आरोप है कि इस आदेश के बावजूद अब तक केवल लगभग 150 दुकानों को ही बंद किया गया है, जबकि बाकी दुकानों को बंद करने की प्रक्रिया या तो धीमी है या रोक दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह आदेश सीधे मुख्यमंत्री स्तर से जारी हुआ है। ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर आदेश के क्रियान्वयन में हो रही देरी सरकार की नीतियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
PMK नेता ने कहा कि शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय सामाजिक और जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा आदेश के कार्यान्वयन में ढिलाई बरती जा रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करने चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी 717 शराब दुकानें निर्धारित समय सीमा के भीतर बंद हों। अंबुमणि रामदास के अनुसार, यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो यह प्रशासनिक असफलता का संकेत होगा।
इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। शराब नीति और TASMAC दुकानों को लेकर लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दल अलग-अलग राय रखते आए हैं। कुछ संगठन इसे सामाजिक सुधार की दिशा में कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसके आर्थिक और प्रशासनिक प्रभावों पर सवाल उठाते हैं।
फिलहाल, राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है कि 717 दुकानों में से केवल 150 ही क्यों बंद हो सकी हैं और बाकी की स्थिति क्या है।
कुल मिलाकर, PMK नेता अंबुमणि रामदास की यह मांग सरकार पर दबाव बढ़ा रही है कि वह शराब दुकानों को बंद करने के अपने आदेश को तेजी से और पूरी तरह लागू करे, ताकि नीति के उद्देश्य को सही तरीके से पूरा किया जा सके।





