
Tamil Nadu तमिलनाडु: देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 2 हफ्तों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। सोमवार को हुई इस ताज़ा बढ़ोतरी के बाद आम जनता और वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। लगातार हो रही कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन और दैनिक जीवन की लागत पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में 2.46 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत में 2.57 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही पिछले 10 दिनों में कुल मिलाकर पेट्रोल की कीमत में 7.2 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत में 7.38 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह लगातार बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में उत्पन्न हुई स्थिति के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने से कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के कम उपयोग की अपील की थी, ताकि ऊर्जा संसाधनों की बचत की जा सके और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के प्रभाव को कम किया जा सके। हालांकि इसके बावजूद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है।
इस ताज़ा बढ़ोतरी से आम जनता, खासकर दैनिक यात्रा करने वाले लोगों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों पर असर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कई लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है।
चेन्नई में वर्तमान स्थिति के अनुसार, पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यह स्तर पिछले कुछ समय की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य होने तक ईंधन की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन फिलहाल कीमतों में राहत की संभावना कम दिखाई दे रही है।





