
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुनेलवेली जिले के पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित मणिमुथारू झरने में पर्यटकों के लिए लगाई गई अस्थायी रोक हटा दी गई है। वन विभाग ने 16 जून को हालात सामान्य होने के बाद पर्यटकों को झरने में नहाने की अनुमति फिर से दे दी है। इससे करीब 12 दिनों से बंद पड़ा यह प्रमुख पर्यटन स्थल एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुल गया है।
यह रोक 4 जून को लगाई गई थी, जब 1 जून से पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही थी। विशेष रूप से मंजोलाई, काकाची, नालुमुकु और उथु जैसे क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण मणिमुथारू झरने का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। लगातार वर्षा के चलते झरने में पानी का बहाव सामान्य से काफी अधिक हो गया था, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया था।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने एहतियात के तौर पर 4 जून से झरने में नहाने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। हालांकि पर्यटकों को झरने को दूर से देखने की अनुमति दी गई थी। उस दौरान प्रशासन लगातार जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए था। सोमवार तक भी यह प्रतिबंध जारी रहा और कुल 12 दिनों तक पर्यटकों को केवल बाहर से झरने का दृश्य देखने की ही अनुमति मिली।
पिछले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता में कमी आने के बाद स्थिति में सुधार देखा गया है। पहाड़ी इलाकों में जलप्रवाह घटने से झरने का पानी अब सामान्य स्तर पर आ गया है। सुरक्षा जांच के बाद वन विभाग ने निर्णय लिया कि अब पर्यटकों के लिए नहाने की अनुमति फिर से दी जा सकती है। विभाग के अनुसार वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
अनुमति बहाल होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और निर्धारित सीमा के भीतर ही पानी में प्रवेश करें। झरने के आसपास भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।
मणिमुथारू झरना पश्चिमी घाट के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में यहां का दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है, लेकिन इसी दौरान पानी का बहाव बढ़ने के कारण कई बार अस्थायी प्रतिबंध लगाने पड़ते हैं।
12 दिनों बाद नहाने की अनुमति मिलने से पर्यटकों में खुशी देखी जा रही है और स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी राहत मिली है। होटल, गाइड और छोटे व्यवसायों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या फिर से बढ़ेगी और क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां तेज होंगी।
वन विभाग ने साफ किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और यदि भविष्य में फिर से जलस्तर बढ़ता है तो सुरक्षा के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





