तमिलनाडू

पासुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर की 118वीं जयंती और 63वीं गुरु पूजा में होंगे शामिल

SHIDDHANT
28 Oct 2025 9:33 PM IST
पासुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर की 118वीं जयंती और 63वीं गुरु पूजा में होंगे शामिल
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Tamil Nadu तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन मंगलवार को मदुरै पहुंचे, जहां वे स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पासुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर की 118वीं जयंती और 63वीं गुरु पूजा (स्मृति दिवस) में भाग लेने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन पर डीएमके कार्यकर्ताओं और एसआरएम यूनियन के सदस्यों ने जोरदार स्वागत किया। मदुरै एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री स्टालिन का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। एयरपोर्ट परिसर ‘स्टालिन वाझगा’ और ‘थेवर वाझगा’ के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री स्टालिन सीधे रामनाथपुरम जिले के पासुम्पोन गांव रवाना हुए, जहां वे मुथुरामलिंगा थेवर के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि मुथुरामलिंगा थेवर न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि वे समाज में समानता, आत्मसम्मान और भाईचारे के प्रबल समर्थक भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा, “पासुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर ने अपने जीवन में सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान के लिए संघर्ष किया। उन्होंने जातिगत भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। उनकी विचारधारा आज भी हमारे समाज को दिशा देती है।”
इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, डीएमके कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक नृत्य और सामुदायिक प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पासुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर का जन्म 1908 में हुआ था। वे फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रमुख नेताओं में से एक रहे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी सहयोगी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। उनके नेतृत्व में दक्षिण तमिलनाडु में सामाजिक जागरूकता और आत्मसम्मान आंदोलन को नई दिशा मिली।
गुरु पूजा और जयंती समारोह तमिलनाडु में हर साल बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन हजारों अनुयायी पासुम्पोन पहुंचकर अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक या राजनीतिक कार्यक्रम है, बल्कि तमिल समाज की समानता और न्याय की परंपरा का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री स्टालिन की इस उपस्थिति को डीएमके सरकार के उस रुख के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह राज्य के ऐतिहासिक और सामाजिक नायकों के योगदान को सम्मान देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार थेवर की विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
इस दौरान राज्य सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने की अपील की।
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