
तमिलनाडु : मंगलवार सुबह व्यस्त समय के दौरान एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लंदन, दुबई, सिंगापुर, म्यांमार और दोहा जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्री घंटों तक टर्मिनल के बाहर और अंदर फंसे रहे।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, सुबह 5 बजे से 11 बजे के बीच इंटरनेशनल टर्मिनल से करीब 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रवाना होने का समय निर्धारित था। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्री समय पर चेक-इन और सुरक्षा जांच पूरी करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश व्यवस्था में आई दिक्कतों के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों ने बताया कि सुबह के समय टर्मिनल के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। कई यात्रियों को अपनी उड़ान पकड़ने की चिंता सताने लगी थी। परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोगों, बुजुर्ग यात्रियों और छोटे बच्चों के साथ आए यात्रियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई प्रवेश द्वार बंद होने से बढ़ी समस्या
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल टर्मिनल में प्रवेश के लिए कुल 12 पॉइंट उपलब्ध थे। इनमें दोनों दिशाओं से आने-जाने की सुविधा वाले 10 गेट भी शामिल थे। इसके बावजूद यात्रियों को परेशानी हुई क्योंकि प्रवेश के मुख्य गेटों में से कई बंद पाए गए।
विशेष रूप से गेट नंबर 5, 8, 9 और 10 के बंद होने से यात्रियों की भीड़ कुछ सीमित प्रवेश द्वारों पर जमा हो गई। इसके कारण लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को टर्मिनल के अंदर पहुंचने में काफी समय लगा।
यात्रियों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए समय पर पहुंचना जरूरी होता है, लेकिन प्रवेश व्यवस्था में देरी के कारण उन्हें तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने एयरपोर्ट प्रबंधन से व्यवस्था सुधारने की मांग की।
सुबह के व्यस्त समय में बढ़ी भीड़
सुबह का समय आमतौर पर एयरपोर्ट के लिए सबसे व्यस्त समय में से एक होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्री पहुंचते हैं। मंगलवार को भी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निर्धारित समय के कारण टर्मिनल पर यात्रियों की संख्या अधिक थी।
लंदन, दुबई, सिंगापुर, म्यांमार और दोहा जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण प्रवेश व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। सीमित खुले गेटों के कारण यात्रियों की आवाजाही धीमी हो गई।
यात्रियों ने जताई नाराजगी
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी परेशानी साझा की। उनका कहना था कि उड़ान के समय से कई घंटे पहले पहुंचने के बावजूद उन्हें प्रवेश के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों ने मांग की कि एयरपोर्ट प्रशासन को व्यस्त समय में सभी प्रवेश द्वारों को चालू रखना चाहिए, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
एयरपोर्ट प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
इस घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल उठे हैं। अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर यात्रियों की संख्या और उड़ानों के दबाव को देखते हुए बेहतर भीड़ प्रबंधन की जरूरत महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े एयरपोर्ट पर प्रवेश, सुरक्षा जांच और चेक-इन जैसी प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। खासकर पीक आवर्स में किसी भी तरह की देरी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
फिलहाल इस घटना के कारणों और प्रवेश द्वारों के बंद होने की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। यात्रियों को उम्मीद है कि एयरपोर्ट प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा और समय की बचत के लिए प्रवेश व्यवस्था को सुचारू रखना बेहद जरूरी है। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर बड़े एयरपोर्ट पर बेहतर संचालन और प्रभावी भीड़ प्रबंधन की जरूरत को उजागर किया है।





