तमिलनाडू

Tamil Nadu के सरकारी स्कूलों में 3.37 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन

Kavita2
27 Jun 2026 9:25 AM IST
Tamil Nadu के सरकारी स्कूलों में 3.37 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन
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Tamil Nadu तमिलनाडु: स्कूल शिक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अब तक कुल 3,37,469 छात्रों का नामांकन किया जा चुका है। यह नामांकन प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र से जुड़ी गतिविधियों के तहत चल रही है और विभाग की ओर से लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

राज्य में शिक्षा व्यवस्था का दायरा काफी व्यापक है, जहां कुल 37,595 सरकारी स्कूल और 7,289 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन सभी स्कूलों में मिलाकर 55 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। इतने बड़े स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को संचालित करना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके लिए लगातार नीतिगत सुधार और प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा विभाग के अनुसार, सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए 2024 से ही नामांकन प्रक्रिया को पहले से शुरू कर दिया गया है। पहले यह प्रक्रिया सामान्यतः बाद के महीनों में होती थी, लेकिन अब इसे मार्च महीने से ही प्रारंभ किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को समय पर शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा सके। इस बदलाव का उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को कम करना और स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाना बताया गया है।

इसी क्रम में वर्ष 2026-2027 के शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू की गई थी। यह अभियान पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में एक साथ चलाया जा रहा है, ताकि सभी जिलों में समान रूप से छात्रों का नामांकन सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षा विभाग की ओर से इसे एक व्यापक अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और स्कूल स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी हो रही है।

इस बीच, हेडमास्टरों और शिक्षकों ने छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक निश्चित समयसीमा (डेडलाइन) तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के निपटारे में देरी होने से छात्रों की समस्याएं लंबित रह जाती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है। इसलिए एक स्पष्ट समय सीमा तय होने से शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो सकेगी।

राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी संदर्भ में हाल ही में, नए शैक्षणिक वर्ष के पहले दिन यानी 4 जनवरी को, स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने एक कार्यक्रम के तहत संकट से प्रभावित छात्रों को शैक्षणिक सामग्री और मुफ्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी छात्र संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

मंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी स्कूलों में राहत और सहायता कार्यों को और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ स्कूलों में गुणवत्ता सुधार और छात्रों की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्रों के जुड़ने से सरकारी स्कूलों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि नामांकन अभियान इसी तरह सफलतापूर्वक चलता रहा तो आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।

कुल मिलाकर, तमिलनाडु में शिक्षा विभाग की यह पहल सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही शिक्षकों की ओर से उठाई गई शिकायत निवारण की समयसीमा तय करने की मांग भी शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम सुझाव के रूप में सामने आई है।

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