
चेन्नई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के लिए तीन महत्वपूर्ण समितियों के तत्काल गठन को मंजूरी दे दी है। इनमें राजनीतिक मामलों की समिति, सलाहकार समिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति शामिल हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से रविवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी घोषणा की गई।
पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक तीनों समितियों का गठन तत्काल प्रभाव से किया गया है। तमिलनाडु कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज में अलग-अलग जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से राजनीतिक मामलों, सलाह और अनुशासन से जुड़ी अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राजनीतिक मामलों की समिति में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी से जुड़े कई नेताओं को शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी में बी. मनिकम टैगोर और एस. जोथिमनी के नाम का उल्लेख किया गया है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से तीन अलग-अलग समितियों को मंजूरी देना तमिलनाडु इकाई के संगठनात्मक ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला है। राजनीतिक मामलों की समिति प्रदेश से जुड़े राजनीतिक विषयों पर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।
इसके अलावा सलाहकार समिति का गठन भी किया गया है। इस समिति के नाम से स्पष्ट है कि यह पार्टी के संगठन और उससे जुड़े विषयों पर परामर्श की व्यवस्था का हिस्सा होगी। हालांकि उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के विवरण में इस समिति के सभी सदस्यों के नाम और उसकी विस्तृत जिम्मेदारियों की जानकारी नहीं दी गई है।
तीसरी समिति अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति है। पार्टी संगठन में अनुशासन से जुड़े मामलों के लिए अलग समिति का गठन किए जाने को संगठनात्मक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति में किन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, इसका पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से रविवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन समितियों के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
तीनों समितियों का गठन ऐसे समय किया गया है जब तमिलनाडु कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर पार्टी नेतृत्व की भूमिका पर नजर बनी हुई है। समितियों के माध्यम से प्रदेश संगठन के भीतर राजनीतिक विचार-विमर्श, सलाह और अनुशासनात्मक मामलों के लिए अलग-अलग व्यवस्था तैयार की गई है।
राजनीतिक मामलों की समिति इन तीनों में प्रमुख समिति के रूप में सामने आई है। इसमें प्रदेश कांग्रेस से जुड़े नेताओं को जगह दी गई है। प्रेस विज्ञप्ति में बी. मनिकम टैगोर और एस. जोथिमनी के नाम शामिल होने की जानकारी दी गई है।
कांग्रेस में राजनीतिक मामलों की समितियों का उपयोग आम तौर पर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर वरिष्ठ नेताओं के बीच विचार-विमर्श के लिए किया जाता है। हालांकि तमिलनाडु में गठित नई समिति की विस्तृत जिम्मेदारियों के बारे में उपलब्ध विज्ञप्ति में पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
सलाहकार समिति के गठन से पार्टी ने प्रदेश स्तर पर परामर्श की एक अलग व्यवस्था बनाई है। संगठनात्मक और राजनीतिक विषयों पर पार्टी नेतृत्व को सुझाव देने में इस समिति की भूमिका रह सकती है। इसके सदस्यों और विस्तृत कार्यक्षेत्र से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
इसी तरह अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति संगठन में अनुशासन से संबंधित विषयों को देखने के लिए बनाई गई है। पार्टी के भीतर अनुशासन से जुड़े मामलों के लिए अलग समिति होने से ऐसे विषयों पर संगठनात्मक स्तर पर विचार करने की स्पष्ट व्यवस्था तैयार होती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद तीनों समितियां तत्काल प्रभाव से अस्तित्व में आ गई हैं। इससे तमिलनाडु कांग्रेस में राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों को लेकर अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित होने का रास्ता खुला है।
AICC की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में समितियों की घोषणा होने के कारण यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी से लागू हुआ है। केसी वेणुगोपाल ने पार्टी की ओर से इसकी औपचारिक जानकारी जारी की।
तमिलनाडु कांग्रेस के लिए राजनीतिक मामलों की समिति का गठन खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश से जुड़े विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी के नेताओं के बीच समन्वय और विचार-विमर्श की जरूरत रहती है। इस समिति में शामिल सदस्य प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर पार्टी के भीतर चर्चा कर सकेंगे।
वहीं सलाहकार समिति पार्टी नेतृत्व को अलग-अलग मामलों में सुझाव देने के लिए एक मंच उपलब्ध करा सकती है। अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के जरिए संगठन में अनुशासन से जुड़े मामलों के लिए निर्धारित व्यवस्था बनाई गई है।
इन तीन समितियों के गठन को तमिलनाडु कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को व्यवस्थित करने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि समितियों की पहली बैठक कब होगी या वे किन मुद्दों को सबसे पहले अपने एजेंडे में शामिल करेंगी।
प्रेस विज्ञप्ति में राजनीतिक मामलों की समिति के कुछ सदस्यों के नाम सामने आए हैं, लेकिन उपलब्ध विवरण में तीनों समितियों की पूरी सदस्य सूची नहीं दी गई है। इसलिए अन्य सदस्यों को लेकर कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने TNCC के लिए राजनीतिक मामलों की समिति, सलाहकार समिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के गठन को तत्काल मंजूरी दी है।
कांग्रेस के इस फैसले के बाद तमिलनाडु इकाई में राजनीतिक मामलों पर चर्चा, संगठन को सलाह देने और अनुशासन से जुड़े मामलों को देखने के लिए तीन अलग-अलग मंच उपलब्ध होंगे। आने वाले समय में इन समितियों की बैठकों और फैसलों के जरिए उनकी भूमिका और प्राथमिकताएं अधिक स्पष्ट होंगी।





