
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले यात्रा करने वाले लोगों को निजी बसों के बढ़े किराए का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होना है, ऐसे में चेन्नई जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले दूसरे जिलों के लोग अपने गृह क्षेत्रों में वोट देने के लिए जा रहे हैं। इसी कारण परिवहन सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए State Express Transport Corporation ने 21 अप्रैल से 5,574 विशेष बसें चलाने की घोषणा की है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सरकारी बसों में टिकट नहीं मिलने के कारण निजी ओमनी बसों का सहारा ले रहे हैं।
इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कई निजी ओमनी बस संचालकों ने किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी है। चेन्नई से मदुरै, कोयंबटूर, सेलम, त्रिची, तिरुनेलवेली और नागरकोइल जैसे प्रमुख शहरों के लिए किराया कई गुना तक बढ़ाया गया है।
मंगलवार और बुधवार (21 और 22 अप्रैल) को चेन्नई से तिरुनेलवेली के लिए सामान्य स्लीपर बस का किराया 1,400 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह थूथुकुडी के लिए किराया 1,700 रुपये से बढ़कर 3,200 रुपये तक पहुंच गया है। मदुरै के लिए पहले जहां किराया करीब 1,100 रुपये था, वहीं अब यह 3,500 रुपये तक हो गया है।
त्रिची के लिए भी किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां पहले 1,500 रुपये तक का किराया अब 2,600 रुपये तक पहुंच गया है। कुल मिलाकर चेन्नई से विभिन्न शहरों के लिए किराया 500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक बढ़ाया गया है।
यात्रियों का कहना है कि त्योहारों जैसे दिवाली और पोंगल के समय भी इस तरह किराया बढ़ाया जाता है, लेकिन चुनाव के दौरान भी ऐसा होना उनके लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। कई लोगों ने इसे अनुचित बताया है और प्रशासन से इस पर नियंत्रण की मांग की है।
चुनाव के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ने से निजी परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ जाती है, जिसका असर किराए पर पड़ता है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस बढ़ोतरी को लेकर कोई सख्त कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
23 अप्रैल को मतदान के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने क्षेत्रों की ओर रवाना हो रहे हैं। ऐसे में यात्रा के साधनों की मांग बढ़ने के साथ ही किराए में बढ़ोतरी ने आम यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।





