
चेन्नई: मंगलवार को कोऑपरेशन डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि जो किसान कोऑपरेटिव सोसायटियों के सदस्य नहीं हैं, वे भी 4,400 प्राइमरी एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों (PACCS) से सब्सिडी वाली दरों पर बीज और खाद खरीद सकते हैं।
एक आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, अब तक सब्सिडी वाले बीज और खाद केवल उन किसानों को दिए जाते थे जिन्होंने कोऑपरेटिव सोसायटियों और बैंकों से फसल ऋण लिया था। विभाग ने अब सभी किसानों को PACCS के पॉइंट-ऑफ-सेल काउंटरों से बीज और खाद खरीदने की अनुमति देने का फैसला किया है, चाहे उन्होंने फसल ऋण लिया हो या वे सदस्य हों। सूत्रों ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य राज्य भर में खेती को बढ़ावा देना है।
बयान में कहा गया है, "किसानों को यह साबित करने के लिए अपने 'चिट्टा' और 'अडंगल' दस्तावेज जमा करने होंगे कि जमीन पर खेती हो रही है और वे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर खाद खरीद सकते हैं।"
कोऑपरेशन डिपार्टमेंट के तहत तमिलनाडु कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (TANFED) खाद के थोक विक्रेता के रूप में काम करता है और PACCS के माध्यम से खाद और अन्य कृषि सामग्री वितरित करता है। केंद्र सरकार राज्य को सब्सिडी वाली खाद आवंटित करती है, जिसे TANFED कोऑपरेटिव सोसायटियों को वितरित करता है।





