
कोयंबटूर/नीलगिरी: पोस्ट-मॉर्टम से पता चला है कि आठ साल की एक मादा हाथी की मौत सेप्टिसीमिया (खून में संक्रमण) से हुई। उसके बाएं अगले पैर में लोहे का तार फंस गया था, जिसका इलाज किया जा रहा था।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हाथी के घायल बाएं अगले पैर का संक्रमण शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल गया, जिससे कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया (मल्टी-ऑर्गन फेलियर)।
वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "सेप्टिसीमिया की वजह से जानवर कमजोर हो गया और हमारी कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं हो सका। हमने 6 सितंबर को हाथी को बेहोश किया, लोहे का तार निकाला और इलाज किया। हम उस पर नजर रखे हुए थे और फलों में मिलाकर दवाएं दे रहे थे। हमने ORS और ग्लूकोज वाला पानी भी दिया। हालांकि, 13 सितंबर को जानवर हमारी नजर से ओझल हो गया और बाद में थमारैपाली में झाड़ियों के पास मृत पाया गया।





