
चेन्नई: TVK सरकार मेट्टूर, वैगई, अमरावती और पेचीपराई जैसे बड़े जलाशयों में गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का काम तेज़ी से शुरू करना चाहती है। इसके लिए सरकार 'वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड' (Wapcos) की फिजिबिलिटी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है।
2024 में DMK सरकार ने Wapcos को कई ज़रूरी मंज़ूरी लेने (जैसे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंज़ूरी), डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और फिजिबिलिटी स्टडी करने का काम सौंपा था। Wapcos इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी सर्विस देने वाली एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारियों के अनुसार, Wapcos के दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर गाद निकालने के काम से जुड़ी फिजिबिलिटी, लागत, तकनीक और लॉजिस्टिक्स की जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि कई आधुनिक तकनीकों, जैसे अंडरवाटर रोबोटिक क्रॉलर और आधुनिक ड्रेजर, की मदद से पानी के बहाव को रोके बिना चालू जलाशयों से गाद निकाली जा सकती है। हालाँकि, फंड की व्यवस्था करना और निकाली गई गाद को रखने के लिए जगह खोजना अभी भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। WRD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने TNIE को बताया, "जब बड़े जलाशयों से गाद निकाली जाती है, तो अलग-अलग तरह की गाद को रखने के लिए बहुत बड़ी जगह की ज़रूरत होती है।"





