
चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने एक दोषी को रिहा करने का आदेश दिया है, जिसे एक नाबालिग लड़की के रेप और मर्डर के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। उसे इस आधार पर रिहा करने का आदेश दिया गया है कि अपराध करते समय वह नाबालिग था।
यह आदेश जस्टिस अनीता सुमंत और सुंदर मोहन की डिवीज़न बेंच ने दोषी के चचेरे भाई, कृष्णगिरि ज़िले के देवगनपल्ली निवासी ए. सुरेश की याचिका को मंज़ूरी देते हुए दिया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसका चचेरा भाई, जो अभी 46 साल का है, साल 2000 से जेल में है। उसे ट्रायल कोर्ट ने 1996 में एक 12 साल की लड़की के रेप और कुल्हाड़ी से काटकर मर्डर करने के आरोप में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी।
दोषी ने फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने 2007 में उसे खारिज कर दिया। दोषी के चचेरे भाई ने अपराध के समय नाबालिग होने के आधार पर रिहाई की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की।





