
Tamil Nadu तमिलनाडु: सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम में सुधार और उसे समय की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए नई करिकुलम डिज़ाइन कमेटी के गठन का सरकारी आदेश जारी किया है। इस समिति की अध्यक्षता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक मायिलसामी अन्नादुरई करेंगे। सरकार का उद्देश्य स्कूल शिक्षा को आधुनिक, व्यावहारिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
राज्य सरकार लंबे समय से स्कूल शिक्षा व्यवस्था में चरणबद्ध तरीके से बदलाव करने की दिशा में काम कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत पहले भी पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया गया था। अब नई सरकार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नई करिकुलम डिज़ाइन कमेटी के गठन का फैसला लिया है।
इससे पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के कार्यकाल में नया पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति और एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। इन समितियों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। इनमें ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन, भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन, वैज्ञानिक टी.वी. वेंकटेश्वरन सहित कई विशेषज्ञ शामिल थे। उस समय प्रोफेसर सुल्तान अहमद इस्माइल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
विशेषज्ञ समिति ने राज्य के मौजूदा पाठ्यक्रम, विषय-वस्तु, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षण पद्धतियों का विस्तृत अध्ययन किया था। इसके अलावा शिक्षकों, अभिभावकों, शिक्षा विशेषज्ञों, छात्रों तथा अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और राय भी प्राप्त की गई थी। विभिन्न स्तरों पर मिले फीडबैक के आधार पर समिति ने स्कूल शिक्षा में सुधार के लिए कई सिफारिशें तैयार कीं और नए पाठ्यक्रम का मसौदा सरकार को सौंपा।
सरकार ने इन सिफारिशों के आधार पर नए पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया। पहले चरण में मौजूदा शैक्षणिक सत्र से कक्षा 1 से कक्षा 3 तक के छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नई शिक्षण प्रणाली लागू करने से छात्रों की बुनियादी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकेगा।
अब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद शिक्षा सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक नई करिकुलम डिज़ाइन कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व ISRO वैज्ञानिक मायिलसामी अन्नादुरई को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। अन्नादुरई को अंतरिक्ष विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के लिए जाना जाता है। सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तैयार होने वाला पाठ्यक्रम छात्रों की बदलती शैक्षणिक और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
नई समिति स्कूल शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसमें पाठ्यक्रम की संरचना, शिक्षण पद्धति, सीखने के परिणाम, मूल्यांकन प्रणाली और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। समिति आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव भी प्राप्त कर सकती है।
सरकार का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को समय के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नई समिति का गठन किया गया है ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
नई करिकुलम डिज़ाइन कमेटी के गठन के साथ तमिलनाडु में स्कूल शिक्षा सुधार की प्रक्रिया को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद शिक्षा विभाग आगे की कार्यवाही करेगा।





