
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुवल्लूर जिले के नरिकुवर समुदाय के लोगों ने अपनी जमीन के मालिकाना हक (पट्टा) की मांग को लेकर बुधवार को तमिलनाडु के सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी से मुलाकात की। यह मुलाकात सचिवालय में हुई, जिसमें समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और लंबे समय से लंबित मांगें सामने रखीं।
नरिकुवर समुदाय के लोग पोन्नेरी तालुक के कोन्नामंचेरी और मीनजूर गांवों में निवास करते हैं। उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि उन्हें उनकी जमीन का कानूनी मालिकाना हक दिया जाए और साथ ही नए घरों के निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। समुदाय के लोगों का कहना था कि जमीन के अधिकार न होने के कारण उन्हें कई तरह की सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुलाकात के दौरान सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी ने समुदाय के प्रतिनिधियों की बात ध्यान से सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह स्वयं उनके क्षेत्र का दौरा करेंगे और जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पट्टा जारी करने की दिशा में कदम उठाएंगे।
मंत्री वन्नी ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वर्गों के लोगों के लिए समान रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से सरकार ने अगले पांच वर्षों में भूमि स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि जरूरतमंद समुदायों को उनका अधिकार मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी समुदाय भूमि अधिकार से वंचित न रहे। नरिकुवर समुदाय की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उन्हें कानूनी अधिकार प्रदान किए जाएंगे।
मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यह केवल एक औपचारिक आश्वासन नहीं है, बल्कि सरकार की नीति का हिस्सा है कि समाज के वंचित वर्गों को उनका हक समय पर दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिकार मिलने से समुदाय के जीवन स्तर में सुधार होगा और वे सामाजिक एवं आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
इस मुलाकात के बाद नरिकुवर समुदाय के लोगों में उम्मीद जगी है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगें जल्द पूरी हो सकती हैं। समुदाय के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस आश्वासन का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही उन्हें भूमि के अधिकार मिलेंगे।
यह मामला राज्य में भूमि अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ले आया है। सरकार के अनुसार, ऐसे मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा ताकि सभी समुदायों को उनके अधिकार मिल सकें और वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।





