तमिलनाडू

मेरे सपनों की उड़ान रुकी, Chennai की बेघर लड़की वर्ल्ड कप से वंचित

Ratna Netam
6 May 2026 1:26 PM IST
मेरे सपनों की उड़ान रुकी, Chennai की बेघर लड़की वर्ल्ड कप से वंचित
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Chennai.चेन्नई: चेन्नई की 17 वर्षीय बेघर लड़की, जिसे स्ट्रीट चाइल्ड फुटबॉल वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करना था, को मेक्सिको का वीज़ा देने से मना कर दिया गया। इस कारण वह आगामी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएगी। यह घटना न केवल उनके व्यक्तिगत सपनों के लिए निराशाजनक है, बल्कि पूरे शहर और खेल समुदाय में शोक और विवाद का कारण बन गई है।
इस लड़की का नाम (नाम), और वह लंबे समय से फुटबॉल खेल रही है। स्थानीय फुटबॉल संगठनों के अनुसार, उसने कई प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया और चयनित होकर वर्ल्ड कप में भारत की टीम का हिस्सा बनने का गौरव हासिल किया। लेकिन वीज़ा नकारे जाने से उसके सपने फिलहाल अधूरे रह गए।
अधिकारियों ने बताया कि वीज़ा नकारने का कारण मुख्य रूप से उसकी स्थायी पते और निवास प्रमाण से संबंधित था। चूंकि वह बेघर है और अनौपचारिक आवास में रहती है, इसलिए कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बावजूद खेल संगठनों और स्थानीय एनजीओ ने तुरंत सरकार और संबंधित अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।
स्थानीय फुटबॉल संघ के अध्यक्ष ने कहा, "यह न केवल खिलाड़ी के लिए बल्कि पूरे खेल समुदाय के लिए दुखद है। हमारी टीम में वह युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और मेहनत के लिए सम्मानित थी। हम सरकार से अपील कर रहे हैं कि वह मामले का पुनर्विचार करे।"
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से वंचित होना चाहिए। स्ट्रीट चाइल्ड फुटबॉल वर्ल्ड कप का उद्देश्य ही है कि ऐसे बच्चे अपनी प्रतिभा और खेल के माध्यम से दुनिया में अपनी पहचान बना सकें।
एनजीओ और स्थानीय समाजसेवी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बाधाओं के कारण बच्चों का आत्मविश्वास कम होता है और उनके सपनों पर प्रतिबंध लगता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि ऐसी परिस्थितियों में विशेष वीज़ा प्रक्रिया बनाई जाए, ताकि प्रतिभाशाली बच्चे बाधाओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेल सकें।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया आई है। कई लोगों ने वीज़ा नकारे जाने के फैसले पर आलोचना की और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। लोग इसे खेल और समान अवसरों के सिद्धांत के खिलाफ मान रहे हैं।
लड़की के प्रशिक्षक ने कहा, "वह निराश है, लेकिन अभी भी उत्साहित है और भविष्य में और अधिक मेहनत करने की योजना बना रही है। हम उसके लिए स्थानीय टूर्नामेंट और प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखेंगे ताकि वह अपनी प्रतिभा को और निखार सके।"
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