तमिलनाडू

किराया बकाया होने पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

Kavita2
8 July 2026 9:13 AM IST
किराया बकाया होने पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई
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वालपराई: तमिलनाडु के वालपराई शहर में नगर निगम प्रशासन ने लंबे समय से किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न्यू मार्केट क्षेत्र की 10 दुकानों को सील कर दिया। नगर निगम की इस कार्रवाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का स्थानीय कार्यालय भी शामिल रहा, जिस पर भी किराया बकाया होने के कारण सील लगाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से बाजार क्षेत्र में हलचल मच गई और अन्य दुकानदारों के बीच भी चिंता का माहौल देखा गया।

जानकारी के अनुसार, वालपराई न्यू मार्केट और कुमारन रोड क्षेत्र में नगर निगम के स्वामित्व वाली 300 से अधिक दुकानें स्थित हैं। इन दुकानों को विभिन्न व्यापारियों और संस्थाओं को किराये पर आवंटित किया गया है। नगर निगम को इन दुकानों से नियमित रूप से किराया प्राप्त होता है, जो शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर खर्च किया जाता है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कई दुकानदार पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से किराया जमा नहीं कर रहे थे। बार-बार याद दिलाने और भुगतान के लिए अनुरोध करने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों को कई बार नोटिस जारी किए और निर्धारित समय के भीतर किराया जमा करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी किए जाने के बाद भी कई दुकानदारों ने न तो बकाया राशि का भुगतान किया और न ही प्रशासन से कोई संतोषजनक जवाब दिया। ऐसे में नगर निगम ने नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

मंगलवार को वालपराई नगर निगम आयुक्त कुमारन के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम न्यू मार्केट क्षेत्र पहुंची। टीम ने बकाया किराया न चुकाने वाली दुकानों का निरीक्षण किया और नियमानुसार 10 दुकानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम कर्मचारियों ने दुकानों के प्रवेश द्वार पर सील लगाकर उन्हें बंद कर दिया, जिससे संबंधित दुकानों का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

सील की गई दुकानों में भाजपा का स्थानीय कार्यालय भी शामिल है। हालांकि नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है और सभी दुकानों के साथ समान नियमों के अनुसार व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी दुकान या संस्था के खिलाफ कार्रवाई उसके राजनीतिक या सामाजिक जुड़ाव के आधार पर नहीं, बल्कि केवल बकाया किराये के आधार पर की गई है।

नगर निगम प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों से मिलने वाला किराया स्थानीय निकाय के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। यदि किरायेदार समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो इससे नगर निगम के विकास कार्य और नागरिक सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसलिए बकाया किराया वसूलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने बताया कि जिन दुकानों को सील किया गया है, उनके मालिक या संचालक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा बकाया किराया, लागू शुल्क और अन्य देय राशि जमा करने के बाद दुकान को दोबारा खुलवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। भुगतान की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार सील हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नगर निगम ने यह भी संकेत दिया है कि यदि अन्य किरायेदार भी लंबे समय से बकाया किराया जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी दुकानदारों से समय पर किराया जमा करने की अपील की है ताकि ऐसी कार्रवाई की नौबत न आए।

नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद बाजार क्षेत्र में मौजूद अन्य दुकानदारों ने भी अपने किराये और अन्य बकाया भुगतान की स्थिति की जानकारी लेना शुरू कर दिया। कई व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के बाद अब समय पर किराया जमा करने को लेकर गंभीरता बढ़ेगी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग करने वाले सभी किरायेदारों को नियमों का पालन करना चाहिए और समय पर किराया जमा करना चाहिए, ताकि नगर निगम के राजस्व में वृद्धि हो और शहर के विकास कार्यों को गति मिल सके।

फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाया किराया वसूली अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन दुकानों या प्रतिष्ठानों पर लंबे समय से किराया बकाया है, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया कि यह अभियान पूरी तरह नियमों के अनुरूप और बिना किसी भेदभाव के चलाया जा रहा है।

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