तमिलनाडू

40 हजार से ज्यादा युवाओं की नहीं हो पा रही शादी: ब्राह्मण संगठन का फैसला, इन दो राज्यों में विशेष अभियान शुरू

jantaserishta.com
18 Nov 2021 12:37 PM IST
40 हजार से ज्यादा युवाओं की नहीं हो पा रही शादी: ब्राह्मण संगठन का फैसला, इन दो राज्यों में विशेष अभियान शुरू
x

DEMO PIC

जानें मामला।

नई दिल्ली: तमिलनाडु में 40,000 से अधिक युवा तमिल ब्राह्मण (Tamil Brahmin) पुरुषों को राज्य के भीतर दुल्हन ढूंढना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में तमिलनाडु ब्राह्मण संघ ने करीब 2 हजार किलोमीटर दूर यूपी और बिहार (UP-Bihar) राज्य का रुख किया है. ब्राह्मण संघ ने एक ही समुदाय से संबंधित उपयुक्त दूल्हों की तलाश के लिए इन दो राज्यों में एक विशेष अभियान शुरू किया है. बता दें चेन्नई से लखनऊ की दूरी करीब 2 हजार किलोमीटर है.

एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में तमिल ब्राह्मण (Brahmins) दुल्हनों की कमी के चलते राज्य के ब्राह्मण संघ ने यूपी और बिहार राज्यों में उपयुक्त जोड़े की तलाश शुरू की है. थमिजनाडु ब्राह्मण एसोसिएशन (Thambraas) के अध्यक्ष एन नारायणन ने संगठन की पत्रिका में कहा- 'हमने अपने संगम की ओर से एक विशेष अभियान शुरू किया है.'
कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए, नारायणन ने कहा कि 30-40 आयु वर्ग के 40,000 से अधिक तमिल ब्राह्मण पुरुष शादी नहीं कर सके हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे तमिलनाडु में दुल्हन नहीं ढूंढ पा रहे हैं. उन्होंने कहा, "यदि विवाह योग्य इस आयु वर्ग में 10 ब्राह्मण लड़के हैं, तो इसके मुकाबले लड़कियां केवल 6 हैं."
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि पहल को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली, लखनऊ और पटना में समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे. इसमें उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो पढ़, लिख सकते हैं और हिंदी बोल सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह लखनऊ और पटना के लोगों के संपर्क में हैं और ये पहल करना व्यावहारिक है.
नारायणन ने आगे कहा कि जहां कई ब्राह्मण लोगों ने इस कदम का स्वागत किया, वहीं समुदाय के भीतर अलग विचार भी थे. एक शिक्षाविद्, एम परमेश्वरन ने कहा, "हालांकि विवाह योग्य आयु वर्ग में पर्याप्त संख्या में तमिल ब्राह्मण लड़कियां उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन लड़कों को दुल्हन नहीं मिल पाने का यही एकमात्र कारण नहीं है."
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि भावी दूल्हों के माता-पिता शादियों में 'धूमधाम और शो' की उम्मीद क्यों करते हैं. परमेश्वरन ने पूछा, "लड़कों के माता-पिता क्यों चाहते हैं कि शादियां आलीशान मैरिज हॉल में हों? उन्हें साधारण तरीके से शादी करने से क्या रोकता है? मंदिर में या घर पर क्यों नहीं?
परमेश्वरन ने कहा कि लड़की के परिवार को शादी का पूरा खर्च उठाना पड़ता है और यह तमिल ब्राह्मण समुदाय का अभिशाप है. "बड़ी, मोटी शादियां एक स्टेटस सिंबल बन गई हैं और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. समुदाय को प्रगति चुननी चाहिए और दिखावे को अस्वीकार करना चाहिए."
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story