
Tamil Nadu तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर रानीपेट सीट पर एक राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। DMK लीडरशिप ने मंत्री आर. गांधी को रानीपेट से सातवीं बार चुनाव लड़ने का मौका दिया है। इससे पहले, इस सीट से उनके बेटे विनोद गांधी को उम्मीदवार घोषित किया गया था, लेकिन मंत्री आर. गांधी की अर्जी और पार्टी नेतृत्व की समीक्षा के बाद उन्हें फिर से चुनाव लड़ने का अवसर मिला।
मंत्री आर. गांधी ने रानीपेट सीट से चार बार चुनाव जीत हासिल किए हैं। उन्होंने 1996, 2006, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। वहीं, 2001 और 2011 के चुनावों में वे हार गए थे। 2021 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद, आर. गांधी ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की नेतृत्व वाली DMK कैबिनेट में हैंडलूम और टेक्सटाइल मंत्री के रूप में शपथ ली थी।
मंत्री आर. गांधी इस बार 2026 विधानसभा चुनाव में रानीपेट से फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया था कि उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए। पहले उनके बेटे विनोद गांधी को उम्मीदवार घोषित किया गया था, लेकिन पिता और बेटे के बीच चुनाव को लेकर मतभेद और स्थिति की समीक्षा के बाद पार्टी ने अंतिम निर्णय लेते हुए आर. गांधी को फिर से उम्मीदवार घोषित किया।
रानीपेट सीट पर चुनावी प्रक्रिया में देरी भी हुई थी। पिता और बेटे के बीच मतभेद के कारण DMK ने पहले नॉमिनेशन दाखिल नहीं किया था। सोमवार, 6 अप्रैल को नॉमिनेशन फाइल करने का आखिरी दिन था, जिसके चलते DMK और उसके सहयोगी दलों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। इस विवाद ने चुनाव प्रचार में भी अस्थायी रुकावट पैदा की थी।
पार्टी नेतृत्व के अंतिम निर्णय के बाद, मंत्री आर. गांधी अब रानीपेट सीट से DMK के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद उन्होंने सोमवार को अपना नॉमिनेशन दाखिल करने की तैयारी की। इससे स्पष्ट है कि DMK नेतृत्व ने अनुभव और चुनावी मजबूती के आधार पर मंत्री आर. गांधी पर भरोसा जताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्री आर. गांधी की लंबे समय से सक्रिय भूमिका और पिछले चुनावों में हासिल अनुभव उन्हें रानीपेट में मजबूत उम्मीदवार बनाता है। पार्टी के लिए यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रानीपेट सीट पर उम्मीदवार की लोकप्रियता और स्थिरता चुनाव परिणाम पर असर डाल सकती है।
23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के प्रचार में तेजी ला रहे हैं। रानीपेट में मंत्री आर. गांधी के उम्मीदवार घोषित होने के बाद पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक सक्रिय रूप से प्रचार अभियान में जुटेंगे।
इस स्थिति ने यह भी दर्शाया कि पार्टी नेतृत्व उम्मीदवार चयन में अनुभव और चुनावी रणनीति को महत्व देता है। मंत्री आर. गांधी के पुनः उम्मीदवार बनने से DMK को रानीपेट में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।





