
Tamil Nadu तमिलनाडु: रविवार (7 जून) को मेट्टूर डैम के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई है। डैम में पानी का इनफ्लो लगातार कम होने के कारण जलस्तर में यह कमी देखी जा रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, डैम में आने वाले पानी की मात्रा पहले की तुलना में घट गई है, जिससे कुल जल संग्रह पर असर पड़ा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि जल आपूर्ति और उपयोग में संतुलन बनाए रखा जा सके।
जानकारी के अनुसार, मेट्टूर डैम में इनफ्लो पहले 1,223 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (cusecs) था, जो घटकर 760 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड तक पहुंच गया है। पानी की आवक में इस कमी के कारण डैम में जल स्तर पर सीधा असर पड़ा है। वहीं, घरेलू और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डैम से 1,000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। इस स्थिति में इनफ्लो और आउटफ्लो के बीच असंतुलन बना हुआ है, जिसके कारण जल स्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मेट्टूर डैम का जल स्तर सुबह के समय 79.86 फीट से घटकर 79.82 फीट तक आ गया। हालांकि यह गिरावट बहुत अधिक नहीं है, लेकिन लगातार कम हो रहे इनफ्लो के कारण आने वाले दिनों में स्थिति पर और असर पड़ सकता है। जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश या अपस्ट्रीम क्षेत्रों से जल प्रवाह में सुधार नहीं होता, तो डैम के जल स्तर में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
डैम में वर्तमान जल भंडारण क्षमता 41.77 टन मिलियन क्यूबिक फीट (TMC) दर्ज की गई है। यह भंडारण स्तर फिलहाल संतुलित स्थिति में माना जा रहा है, लेकिन लगातार कम इनफ्लो के कारण इस पर दबाव बढ़ सकता है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और आवश्यक क्षेत्रों में पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जल उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों और जल उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे पानी का उपयोग सोच-समझकर करें ताकि मौजूदा भंडारण लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सके।
मेट्टूर डैम तमिलनाडु के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है, जो कृषि और पेयजल दोनों जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में जल स्तर में किसी भी प्रकार का बदलाव क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था पर प्रभाव डाल सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
कुल मिलाकर, इनफ्लो में कमी और स्थिर आउटफ्लो के कारण मेट्टूर डैम के जल स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में मौसम और बारिश की स्थिति इस पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।





