तमिलनाडू

Tamil Nadu में मेथनॉल लाइसेंस प्रक्रिया आसान, अब ऑनलाइन सुविधा शुरू

Kavita2
21 April 2026 9:45 AM IST
Tamil Nadu में मेथनॉल लाइसेंस प्रक्रिया आसान, अब ऑनलाइन सुविधा शुरू
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Tamil Nadu तमिलनाडु: सरकार ने दवा उद्योग के लिए मेथनॉल के उपयोग से जुड़ी लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब मेथनॉल लाइसेंस ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे फार्मास्युटिकल कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस फैसले का Tamil Nadu Pharmaceutical Manufacturers Association ने स्वागत किया है। लंबे समय से उद्योग से जुड़े लोग लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग कर रहे थे।

मेथनॉल फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण सॉल्वेंट और कच्चा माल माना जाता है। इसका उपयोग कई तरह की दवाओं के निर्माण में किया जाता है। खास तौर पर कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली स्टैटिन दवाओं और स्ट्रेप्टोमाइसिन जैसे एंटीबायोटिक के उत्पादन में इसकी अहम भूमिका होती है। इसके अलावा, दवाओं की गुणवत्ता जांच (क्वालिटी टेस्टिंग) में भी मेथनॉल का इस्तेमाल सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। फार्मेसी कॉलेजों और रिसर्च लैब्स के लिए भी यह जरूरी सामग्री है।

अब तक उद्योग जगत का कहना था कि तमिलनाडु में मेथनॉल खरीदने के लिए लाइसेंस लेना काफी जटिल प्रक्रिया थी। सख्त नियमों और लंबी प्रक्रिया के कारण न केवल बड़ी कंपनियां, बल्कि छोटी फार्मास्युटिकल इकाइयां और लैब्स भी प्रभावित हो रही थीं। कई संस्थानों ने यह भी बताया था कि उन्हें कम मात्रा में मेथनॉल प्राप्त करने में भी कठिनाई होती थी।

इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला किया है। इसके तहत National Informatics Centre द्वारा विकसित ‘ई-कलाल’ वेबसाइट के माध्यम से आवेदन की सुविधा शुरू की गई है। अब इच्छुक आवेदक इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सरकार के अनुसार यह नई व्यवस्था उन आवेदकों पर भी लागू होगी, जिन्हें सालाना 500 लीटर से कम मेथनॉल की आवश्यकता होती है। इससे छोटे उद्योगों, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को विशेष रूप से फायदा मिलने की संभावना है।

इस कदम से फार्मास्युटिकल सेक्टर में उत्पादन प्रक्रिया को सुचारू बनाने और अनावश्यक देरी को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, डिजिटल प्रक्रिया के जरिए पारदर्शिता बढ़ने और लाइसेंस प्राप्त करने में लगने वाले समय में कमी आने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब फार्मास्युटिकल उद्योग में उत्पादन और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था से उद्योग जगत को राहत मिलने के साथ ही दवा निर्माण और अनुसंधान कार्यों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

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