
x
रामनाथपुरम। तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप पुलिस ने दवाओं की कथित तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को मंडपम के पास वेदलई बीच इलाके में जांच के दौरान पुलिस ने करीब 75 लाख रुपये कीमत की दर्द निवारक दवाएं जब्त कीं। आशंका जताई जा रही है कि इन दवाओं को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की तैयारी थी। पुलिस ने दवाओं के साथ उस कार्गो वाहन को भी जांच के दायरे में लिया है, जिसमें बड़ी मात्रा में दवाएं रखी हुई थीं।
जानकारी के मुताबिक, कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप पुलिस को वेदलई बीच इलाके से श्रीलंका की ओर सामान की तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस की टीम सक्रिय हुई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई। समुद्र तट की ओर आने-जाने वाले रास्तों पर वाहनों की जांच शुरू की गई। पुलिस का ध्यान विशेष रूप से उन वाहनों पर था, जिनमें बड़ी मात्रा में सामान ले जाया जा रहा था।
इसी दौरान मंडपम की ओर जा रहे एक कार्गो वाहन को पुलिस टीम ने रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर अंदर बड़ी मात्रा में दवाओं के पैकेट मिले। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो करीब 7.50 लाख पेनकिलर यानी दर्द निवारक दवाएं बरामद हुईं। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी में आशंका जताई गई है कि बरामद दवाओं को श्रीलंका भेजने की योजना थी। हालांकि दवाओं को कहां से लाया गया था, इन्हें किस व्यक्ति या समूह ने मंगाया था और इन्हें आगे किसके पास पहुंचाया जाना था, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेप को वेदलई बीच तक पहुंचाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
वेदलई बीच और मंडपम का इलाका समुद्री तट के करीब होने के कारण कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप की निगरानी में रहता है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इसी इलाके में वाहनों की चेकिंग तेज की थी। जांच के दौरान संदिग्ध कार्गो वाहन के मिलने से पुलिस को बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद करने में सफलता मिली।
अब पुलिस बरामद दवाओं से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में पेनकिलर को ले जाने के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। इसके साथ ही वाहन की आवाजाही और दवाओं की आपूर्ति से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि 7.50 लाख दर्द निवारक दवाओं की इतनी बड़ी खेप आखिर कहां पहुंचाई जानी थी। पुलिस को मिली सूचना में श्रीलंका तस्करी की आशंका जताई गई थी, इसलिए समुद्री रास्ते से जुड़े पहलुओं को भी जांच के केंद्र में रखा गया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या दवाओं को पहले समुद्र तट के किसी स्थान पर पहुंचाकर वहां से नाव या किसी अन्य माध्यम से आगे भेजने की योजना थी।
कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप पुलिस की इस कार्रवाई के बाद तटीय इलाके में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। समुद्र तट की ओर जाने वाले संदिग्ध वाहनों और सामान की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। पुलिस बरामद दवाओं के स्रोत से लेकर संभावित गंतव्य तक की कड़ी जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल करीब 75 लाख रुपये कीमत की 7.50 लाख पेनकिलर जब्त कर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस खेप के पीछे कौन लोग थे और दवाओं को श्रीलंका पहुंचाने की कथित योजना किस तरह बनाई गई थी।
Next Story





