
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु पीपल्स प्रोग्रेस पार्टी (TNPMP) के संस्थापक-नेता जॉन पांडियन ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) से अलग होने का फैसला लिया है। यह घोषणा पालयमकोट्टई में आयोजित पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद की गई, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आ गया है।
इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी की महासचिव प्रिसिला पांडियन ने की। बैठक में संगठनात्मक मामलों, राजनीतिक रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जॉन पांडियन ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में लोगों की उम्मीदों के अनुरूप काम करना चाहती है और इसी वजह से यह राजनीतिक बदलाव किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अब स्वतंत्र रूप से अपनी नीतियों और विचारधारा के आधार पर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने राज्य की मौजूदा और संभावित सरकारों से अपील करते हुए कहा कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ जनादेश दिया है, उसे पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सरकार को समाज के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए।
जॉन पांडियन ने अपने बयान में शराब नीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार को धीरे-धीरे शराब के प्रभाव को कम करने और समाज को इससे होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने राज्य में बढ़ते सामाजिक अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ऑनर किलिंग जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए गंभीर समस्या है। उन्होंने यौन उत्पीड़न और नशे की लत, विशेषकर गांजे के सेवन में वृद्धि को भी चिंता का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सरकार को कठोर और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम रह सके। उनके अनुसार, अगर समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकती हैं।
पार्टी की कार्यकारी समिति की बैठक में यह भी तय किया गया कि TNPMP अब अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगी और जनता के बीच अपनी उपस्थिति को और अधिक सक्रिय बनाएगी। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि स्थानीय मुद्दों पर फोकस करके ही जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि TNPMP का NDA से अलग होना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे आने वाले समय में गठबंधन समीकरणों पर असर पड़ सकता है और छोटे दलों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पार्टी के इस फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों की ओर से इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
जॉन पांडियन ने अंत में कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है। उन्होंने दोहराया कि TNPMP किसी भी राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र होकर अपने सिद्धांतों के अनुसार काम करेगी।





