
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की भयावह घटना के बाद प्रशासन ने राहत और सुरक्षा कार्य तेज कर दिए हैं। जिला कलेक्टर एस. कविता ने जानकारी दी कि उथुक्कोट्टई तालुक के कन्निकाइपो गांव स्थित एक निजी समुद्री खाद्य प्रसंस्करण कारखाने से पिछले तीन दिनों में कुल 2.75 टन अमोनिया गैस को सुरक्षित तरीके से हटाकर चेन्नई के मनाली स्थित बॉटलर्स कंपनी को सौंप दिया गया है।
यह कार्रवाई उस दुर्घटना के बाद की गई, जिसमें अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ी संख्या में श्रमिक प्रभावित हुए थे। हादसे में अब तक 18 महिला श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 83 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश श्रमिक उत्तर भारत के राज्यों से आए हुए बताए जा रहे हैं।
गैस रिसाव के बाद शुरू हुआ बड़ा सुरक्षा अभियान
तिरुवल्लूर जिले के कन्निकाइपो गांव में स्थित निजी समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया था। घटना के बाद प्रशासन, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और तकनीकी विशेषज्ञों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
कारखाने में बड़े कंटेनरों में संग्रहित अमोनिया गैस को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। गैस अत्यधिक खतरनाक होने के कारण इसे हटाने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षात्मक पोशाक पहनकर गैस को टैंकर ट्रक में स्थानांतरित करने का काम किया। 4 जुलाई से 6 जुलाई तक लगातार तीन दिनों तक चले अभियान में 2.75 टन अमोनिया गैस को सुरक्षित रूप से एकत्र किया गया।
इसके बाद सोमवार को इस गैस को चेन्नई के मनाली स्थित बॉटलर्स कंपनी में पहुंचाकर सौंप दिया गया।
पाइपलाइनों में बची गैस निकालने का काम जारी
जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि कारखाने में मौजूद सभी अमोनिया गैस को हटाने का काम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पाइपलाइनों में मौजूद गैस को निकालने की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन के अनुसार, सोमवार तक यह काम पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई। पाइपलाइनों में फंसी अमोनिया गैस को पहले ठंडा किया जा रहा है और फिर उसे घोलकर सुरक्षित तरीके से एकत्र किया जा रहा है।
इसके बाद इस गैस को दोबारा लॉरी टैंकर में स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमोनिया गैस को सीधे वातावरण में छोड़ना खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे नियंत्रित प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है। प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए हर कदम सावधानी से उठा रहा है।
मौके पर तैनात कई एजेंसियां
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर कई विभागों और विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा आपातकालीन वाहन, दमकल दल और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीम लगातार तैयार हैं।
इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (ओएसएच), राजस्व विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
करीब 15 निजी क्षेत्र के तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि भी गैस हटाने और सुरक्षा उपायों में प्रशासन की मदद कर रहे हैं। सभी टीमें मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि आसपास के क्षेत्र में किसी प्रकार का खतरा न रहे।
घायलों के इलाज और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
गैस रिसाव के बाद प्रभावित श्रमिकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था। प्रशासन लगातार घायलों के इलाज और उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अमोनिया गैस के संपर्क में आने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
घटना के बाद कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर भी जांच की जा रही है। संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि गैस रिसाव किस वजह से हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
जांच और सुरक्षा सुधारों पर जोर
प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में कारखाने की सुरक्षा प्रणाली, गैस भंडारण व्यवस्था और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।
इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करने वाली फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा जांच और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बची हुई अमोनिया गैस को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से हटाना और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





