तमिलनाडू
ऊटी में बड़ा हादसा टला, पहाड़ से खिसका मलबा, रास्ते में फंसे 150 बच्चे, रस्सियों से हुआ रेस्क्यू
Shubhra Nandy
25 Oct 2026 11:54 AM IST

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सभी बच्चे सुरक्षित
ऊटी : तमिलनाडु के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ऊटी के पास भूस्खलन के कारण 150 से अधिक स्कूली बच्चों के फंसने की घटना सामने आई है। यह घटना कुन्नूर-मेत्तुपालयम रोड पर स्थित बुरलियार इलाके की बताई जा रही है। भूस्खलन के चलते रास्ता बाधित हो गया, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान शुरू किया। बचावकर्मियों ने रस्सियों की मदद से बच्चों को प्रभावित इलाके से बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
अचानक भूस्खलन से रास्ता हुआ बाधित
जानकारी के अनुसार, ऊटी के पास कुन्नूर-मेत्तुपालयम मार्ग पर बुरलियार इलाके में भूस्खलन की घटना हुई। पहाड़ी क्षेत्र में मिट्टी और मलबा खिसकने के कारण मार्ग प्रभावित हुआ। इसी दौरान 150 से अधिक स्कूली बच्चे रास्ते में फंस गए। रास्ता बाधित होने से बच्चों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और राहत टीमों को जानकारी दी गई। हालांकि, बच्चे किस स्कूल के थे और किस स्थान से कहां जा रहे थे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
रस्सियों की मदद से बच्चों को निकाला बाहर
भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव दलों ने प्रभावित इलाके में रेस्क्यू अभियान चलाया। बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए रस्सियों का सहारा लिया गया। बचावकर्मियों ने सावधानीपूर्वक बच्चों को प्रभावित हिस्से से बाहर निकालने में मदद की। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के बाद रास्तों पर मलबा और अस्थिर जमीन होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
150 से ज्यादा बच्चों के सुरक्षित निकलने की खबर
इस घटना में सबसे राहत भरी बात बच्चों के सुरक्षित निकाले जाने की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान 150 से अधिक बच्चों को प्रभावित इलाके से बाहर निकाला गया। फिलहाल बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने या किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, रेस्क्यू अभियान की कुल अवधि और मौके पर मौजूद बचावकर्मियों की संख्या के संबंध में आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
कुन्नूर-मेत्तुपालयम मार्ग पर परेशानी
कुन्नूर-मेत्तुपालयम मार्ग नीलगिरि के पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इस रास्ते से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक और अन्य यात्री भी आवाजाही करते हैं। बुरलियार इलाके में भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में सड़क पर गिरे मलबे को हटाने और मार्ग की सुरक्षा जांच के बाद ही सामान्य आवाजाही बहाल की जा सकती है। फिलहाल सड़क पूरी तरह खोल दी गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
नीलगिरि क्षेत्र अपनी पहाड़ियों, घुमावदार सड़कों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। भूस्खलन की घटनाओं में सड़क मार्ग बाधित होने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी यातायात और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इस विशेष घटना का कारण भारी बारिश थी या कोई अन्य भौगोलिक परिस्थिति, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राहत अभियान से टला बड़ा खतरा
ऊटी के पास हुई इस घटना में समय पर चलाए गए बचाव अभियान से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली। 150 से अधिक बच्चों के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसने से चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी। बचावकर्मियों ने रस्सियों की सहायता से बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन बचाव तैयारियों के महत्व को सामने रखा है।
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