
चेन्नई। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर मंगलवार को हुए उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार मदुरांतकम में 83.86 प्रतिशत और धारापुरम में 78.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों ही सीटों पर मतदाताओं ने बड़ी संख्या में वोट डाले, लेकिन यह प्रतिशत 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में कम रहा।
पिछले चुनाव में मदुरांतकम में मतदान 93 प्रतिशत से अधिक और धारापुरम में करीब 90 प्रतिशत के आसपास रहा था। इस बार उपचुनाव होने के कारण मतदाताओं में उत्साह अपेक्षाकृत कम दिखाई दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम चुनाव की तुलना में उपचुनाव में मतदान प्रतिशत अक्सर कुछ कम रहता है, क्योंकि पूरे राज्य में चुनावी माहौल नहीं बनता और स्थानीय स्तर पर ही राजनीतिक गतिविधियां सीमित रहती हैं।
मदुरांतकम और धारापुरम दोनों विधानसभा सीटों पर सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें दिखाई दीं। ग्रामीण इलाकों में मतदान का उत्साह कई जगह अधिक नजर आया, जबकि शहरी और कस्बाई इलाकों में मतदान की रफ्तार कुछ समय धीमी रही। सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे तक वोट डाले गए। अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया सामान्य रही।
मदुरांतकम उपचुनाव में कुल 27 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं धारापुरम सीट पर भी कई प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों क्षेत्रों में प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान पूरी ताकत झोंकी थी। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला और अंतिम दिनों में प्रचार काफी तेज हो गया था।
मदुरांतकम सीट पर राजनीतिक मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा। चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया। रोड शो, जनसभाएं और स्थानीय मुद्दों को लेकर व्यापक प्रचार अभियान चलाया गया। मतदाताओं को रोजगार, बुनियादी सुविधाओं, कृषि, सड़कों और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई।
धारापुरम में भी चुनाव प्रचार काफी सक्रिय रहा। यहां मतदान के दौरान एक बूथ पर विवाद की स्थिति तब बनी, जब एक मतदान अधिकारी पर एक बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर एक विशेष चुनाव चिन्ह के पक्ष में वोट देने का निर्देश देने का आरोप लगा। शिकायत के बाद संबंधित अधिकारी को ड्यूटी से हटा दिया गया और कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। बाद में मतदान दोबारा सामान्य तरीके से शुरू हुआ।
इस एक घटना को छोड़कर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सामान्य और शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा रखी गई और मतदान प्रक्रिया की निगरानी भी की गई।
मतदान प्रतिशत में कमी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग आकलन सामने आ सकते हैं। किसी भी पार्टी के लिए केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर नतीजे का अनुमान लगाना आसान नहीं है। अधिक या कम मतदान के पीछे स्थानीय उम्मीदवार, राजनीतिक समीकरण, मतदाताओं की रुचि और उपचुनाव का माहौल जैसे कई कारण हो सकते हैं।
मदुरांतकम में 83.86 प्रतिशत मतदान अपने आप में काफी ऊंचा माना जा रहा है, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इसमें स्पष्ट गिरावट दिखाई दी। धारापुरम में भी 78.53 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो सामान्य रूप से अच्छा मतदान है, लेकिन पिछले चुनाव की तुलना में कम है।
उपचुनावों में अक्सर मतदाता भागीदारी आम विधानसभा चुनावों की तुलना में कम रहती है। आम चुनाव के दौरान पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल और प्रचार चरम पर होता है, जबकि उपचुनाव केवल कुछ सीटों तक सीमित रहते हैं। इसी कारण कई मतदाता मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचते। मदुरांतकम और धारापुरम में भी यही स्थिति एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
दोनों सीटों के चुनाव परिणाम अब 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजर अब ईवीएम खुलने और शुरुआती रुझानों पर होगी।
उपचुनाव के परिणाम तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यह देखा जाएगा कि मतदाता सत्तारूढ़ दल, विपक्ष और नए राजनीतिक समीकरणों को किस तरह से देखते हैं। हालांकि केवल दो विधानसभा सीटों के परिणाम को पूरे राज्य के जनमत का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता।
इन चुनावों ने राजनीतिक दलों को अपनी जमीनी ताकत और संगठन का आकलन करने का भी अवसर दिया है। विशेष रूप से बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय नेताओं की पकड़ और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की क्षमता का असर नतीजों में दिखाई दे सकता है।
फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो चुका है और उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद है। मदुरांतकम में 83.86 प्रतिशत और धारापुरम में 78.53 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद अब 9 अक्टूबर की मतगणना पर सभी की नजरें टिकी हैं। चुनाव परिणाम ही साफ करेंगे कि कम मतदान का लाभ किस राजनीतिक दल को मिला और मतदाताओं ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया।





