
चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में उन रिट याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया, जिनमें इकराई बोलुवमपट्टी गांव पंचायत द्वारा ईशा फाउंडेशन को कोयंबटूर में गैस श्मशान घाट बनाने की दी गई अनुमति को चुनौती दी गई थी।
चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं के इस दावे को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित श्मशान घाट तमिलनाडु ग्राम पंचायत (दफनाने और जलाने के स्थानों का प्रावधान) नियम, 1999 के नियम 7 का उल्लंघन करता है, जिसमें घरों और पीने के पानी के स्रोतों से कम से कम 90 मीटर की दूरी अनिवार्य है।
कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा जगदीश्वरी बनाम बी बाबू नायडू मामले में एक फुल बेंच के फैसले से सुलझा लिया गया था, जिसमें यह साफ किया गया था कि नियम 7 के तहत दूरी की पाबंदी गांव पंचायत से वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद स्थापित श्मशान घाटों पर लागू नहीं होगी।





