तमिलनाडू

Madras HC ने विजय की पत्नी के खिलाफ जांच याचिका ठुकराई

Payal
27 April 2026 2:42 PM IST
Madras HC ने विजय की पत्नी के खिलाफ जांच याचिका ठुकराई
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Chennai.चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट ने विजय की पत्नी द्वारा लिए गए 12.60 करोड़ रुपये के लोन के खुलासे की जांच कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में पेश किए गए सबूत और तर्क पर्याप्त नहीं हैं और मामले की जांच के लिए आवश्यक आधार नहीं प्रदान करती।
याचिका दायर करने वाले पक्ष ने दावा किया था कि विजय की पत्नी पर 12.60 करोड़ रुपये के लोन लेने के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया और यह राशि सार्वजनिक हित के लिए जांच के दायरे में आनी चाहिए। उन्होंने कोर्ट से इस संबंध में संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों की जांच कराने की मांग की थी।
हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट ने याचिका की समीक्षा के बाद कहा कि केवल संदेह और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका में प्रस्तुत प्रमाण और तर्क पर्याप्त नहीं हैं ताकि इस मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कोर्ट ने यह भी कहा कि वित्तीय लेन-देन के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है और बिना ठोस सबूत के किसी व्यक्ति की जांच या वित्तीय विवरणों का खुलासा करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किसी मामले की जांच हो सकती है।
इस निर्णय के बाद विजय की पत्नी ने राहत की सांस ली और उनके कानूनी प्रतिनिधियों ने कहा कि यह फैसला न्यायपूर्ण और तथ्यात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि बिना ठोस प्रमाण के किसी पर आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय वित्तीय लेन-देन और निजी संपत्ति के मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का महत्व दर्शाता है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल संदेह या अफवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति की जांच नहीं की जा सकती।
राजनीतिक और वित्तीय विश्लेषकों ने भी इस फैसले का विश्लेषण किया और कहा कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली में तथ्यों और सबूतों का महत्व सर्वोपरि है, और यह फैसला इसे स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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