
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे तमिल मनीला कांग्रेस (TMC) के संस्थापक जीके मूपनार की 25वीं पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) प्रमुख मणिकम टैगोर समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और अन्य राजनीतिक हस्तियों ने चेन्नई के तेयनमपेट स्थित उनके स्मारक पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए।
नेताओं ने जीके मूपनार के राजनीतिक जीवन, उनके सिद्धांतों और तमिलनाडु की राजनीति तथा कांग्रेस संगठन में उनके योगदान को याद किया।
स्मारक पर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
रविवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जीके मूपनार को नमन किया।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि मूपनार ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति को महत्व दिया।
उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने पार्टी और विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी।
1999 के अविश्वास प्रस्ताव का किया जिक्र
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद TNCC प्रमुख मणिकम टैगोर ने पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने वर्ष 1999 में तत्कालीन भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए जीके मूपनार की राजनीतिक भूमिका को याद किया।
टैगोर ने कहा कि उस समय लोकसभा में मूपनार की पार्टी के तीन सांसद थे और उनके फैसले का सरकार पर सीधा असर पड़ सकता था।
सिद्धांतों पर कायम रहने की बात कही
मणिकम टैगोर ने कहा कि अगर मूपनार उस समय AIADMK प्रमुख जे जयललिता के साथ मिलकर मतदान से दूरी बनाने का फैसला करते, तो तत्कालीन वाजपेयी सरकार को फायदा मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुरोध पर मूपनार ने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और अपने निर्णय पर कायम रहे।
टैगोर ने मूपनार की इस भूमिका को उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और विचारधारा के प्रति निष्ठा का उदाहरण बताया।
कांग्रेस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
जीके मूपनार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे थे।
उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया।
बाद में उन्होंने तमिल मनीला कांग्रेस (TMC) का गठन किया, जिसने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
सादगी और साफ छवि के लिए जाने जाते थे
राजनीतिक जीवन में जीके मूपनार को उनकी सरल छवि और साफ-सुथरी राजनीति के लिए जाना जाता था।
उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने सत्ता से ज्यादा सिद्धांतों को महत्व दिया।
उनकी राजनीति में व्यक्तिगत हमलों की जगह विचारों और नीतियों पर जोर रहता था।
तमिलनाडु की राजनीति में रहा प्रभाव
मूपनार का प्रभाव केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं था, बल्कि तमिलनाडु की गठबंधन राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कई मौकों पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया।
उनकी राजनीतिक समझ और अनुभव के कारण उन्हें विभिन्न दलों के नेताओं के बीच सम्मान प्राप्त था।
नेताओं ने बताया प्रेरणास्रोत
श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेताओं ने कहा कि मूपनार का जीवन आज के राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में रहते हुए भी उन्होंने मूल्यों और सिद्धांतों को प्राथमिकता दी।
उनका योगदान तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
पुण्यतिथि पर याद किया गया योगदान
जीके मूपनार की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने उनके विचारों और राजनीतिक विरासत को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों ने कहा कि मूपनार जैसे नेताओं की जरूरत आज भी राजनीति में महसूस होती है।
उनकी ईमानदार छवि, संगठन क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।





