
Tamil Nadu तमिलनाडु: केरल में सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना लागू होने के बाद निजी परिवहन सेवा पर इसका असर दिखाई देने लगा है। कोयंबटूर जिले के वलपराई और केरल के चालकुडी के बीच पिछले 65 वर्षों से संचालित हो रही निजी बस सेवा शनिवार से बंद कर दी गई। यात्रियों, खासकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह सेवा लंबे समय से महत्वपूर्ण साधन रही थी।
वलपराई और चालकुडी के बीच करीब 110 किलोमीटर की दूरी है। दोनों राज्यों को जोड़ने वाली यह बस सेवा लंबे समय से यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही थी। खासकर केरल के प्रसिद्ध अथिरापिल्ली जलप्रपात जाने वाले पर्यटकों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होती थी।
जानकारी के मुताबिक, केरल राज्य परिवहन निगम (KSRTC) की बसें चालकुडी से केवल तमिलनाडु सीमा के पास स्थित मज़ुक्कुपराई एस्टेट तक ही संचालित होती हैं। वहीं, वलपराई से चालकुडी तक सीधे जाने के लिए लंबे समय तक तमिलनाडु सरकार की बस सेवा भी उपलब्ध थी, लेकिन करीब 20 साल पहले यह सेवा बंद कर दी गई थी।
इसके बाद दोनों राज्यों के बीच यात्रा के लिए निजी बसों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले 65 वर्षों से दो निजी बसें वैध ऑपरेटिंग लाइसेंस के साथ वलपराई और चालकुडी के बीच यात्रियों को परिवहन सुविधा दे रही थीं। यह सेवा स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी काफी अहम मानी जाती थी।
हालांकि, हाल के दिनों में केरल सरकार द्वारा सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू किए जाने के बाद निजी बस संचालकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिला यात्रियों ने सरकारी बसों का उपयोग करना शुरू कर दिया, जिससे निजी बसों में महिला यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई।
बस संचालकों के अनुसार, वलपराई-चालकुडी मार्ग पर यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या पहले काफी अधिक थी। लेकिन मुफ्त यात्रा सुविधा मिलने के बाद महिलाओं ने निजी बसों की जगह सरकारी बसों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया। इसके कारण निजी बसों की आय में लगातार गिरावट आने लगी।
बस प्रबंधन का कहना है कि डीजल खर्च, चालक और परिचालक का वेतन, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया था। लगातार घाटे में चलने के कारण आखिरकार दोनों निजी बस संचालकों ने सेवा बंद करने का फैसला लिया।
इस बस सेवा के बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर उन यात्रियों के लिए समस्या बढ़ सकती है, जो वलपराई से चालकुडी और आसपास के पर्यटन स्थलों तक आने-जाने के लिए इस सेवा पर निर्भर थे।
अथिरापिल्ली फॉल्स जाने वाले पर्यटकों के लिए भी यह बस सेवा काफी सुविधाजनक थी। वलपराई क्षेत्र से केरल के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए यह एक सीधा और आसान विकल्प था। अब पर्यटकों को यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों राज्यों के परिवहन विभाग इस मार्ग पर फिर से नियमित बस सेवा शुरू करने की दिशा में कदम उठाएं। लोगों का कहना है कि यह मार्ग केवल स्थानीय परिवहन के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटन और दोनों राज्यों के बीच संपर्क के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को राहत देना होता है, लेकिन इसके साथ निजी परिवहन सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी ध्यान देना जरूरी है। कई ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में निजी बसें ही लोगों के लिए मुख्य परिवहन साधन होती हैं।
वलपराई और चालकुडी के बीच चलने वाली बस सेवा के बंद होने से एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी परिवहन योजनाओं और निजी बस सेवाओं के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलती रहे।
फिलहाल, 65 वर्षों से चली आ रही इस निजी बस सेवा के बंद होने से स्थानीय लोगों में निराशा है। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सरकार या संबंधित विभाग इस मार्ग पर वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएंगे।





