तमिलनाडू

कनिमोझी ने कीला एराल फ्लाईओवर निर्माण का लिया जायजा

Ratna Netam
6 Oct 2026 2:17 PM IST
कनिमोझी ने कीला एराल फ्लाईओवर निर्माण का लिया जायजा
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थूथुकुडी। DMK सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने मंगलवार को थूथुकुडी जिले के एट्टायपुरम के पास कीला एराल में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की मौजूदा स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। सांसद ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और उनकी शिकायतों तथा सुझावों को सुना। निरीक्षण के दौरान विलाथिकुलम के विधायक जी.वी. मार्कंडेयन भी उनके साथ मौजूद रहे।
कनिमोझी करुणानिधि ने निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी हो और निर्माण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने फ्लाईओवर के आसपास की सड़क व्यवस्था, लोगों की आवाजाही और निर्माण के दौरान हो रही संभावित परेशानियों के बारे में भी जानकारी ली।
पत्रकारों से बातचीत में कनिमोझी ने बताया कि यह फ्लाईओवर इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों को आवागमन में होने वाली परेशानी को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अगले साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद इलाके में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद इसका फायदा रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को मिलेगा।
सांसद कनिमोझी ने बताया कि फ्लाईओवर को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके लिए फ्लाईओवर पर तीन एक्सेस पॉइंट बनाए जाएंगे। इन प्रवेश और निकास बिंदुओं के माध्यम से आसपास के गांवों और इलाकों के लोगों को फ्लाईओवर तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर जैसी बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्देश्य केवल वाहनों की आवाजाही तेज करना नहीं होता, बल्कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इसी वजह से निर्माण योजना में तीन अलग-अलग एक्सेस पॉइंट का प्रावधान किया गया है।
निरीक्षण के दौरान कनिमोझी ने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद भी किया। लोगों ने निर्माण कार्य से जुड़ी अपनी समस्याएं और सुझाव सांसद के सामने रखे। कनिमोझी ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जहां संभव हो, तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया।
विलाथिकुलम के विधायक जी.वी. मार्कंडेयन ने भी परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है। क्षेत्र में बढ़ते यातायात और सड़क पर वाहनों के दबाव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में इस फ्लाईओवर के निर्माण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि फ्लाईओवर बनने के बाद यात्रा का समय कम होगा और यातायात जाम की समस्या में भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही आसपास के गांवों और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने की संभावना है। भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में भी यह परियोजना मददगार साबित हो सकती है।
कनिमोझी ने अधिकारियों को निर्माण की गति बनाए रखने के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, वाहनों के वैकल्पिक मार्ग और राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ते जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को लेकर लोगों की शिकायतों और सुझावों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। निर्माण कार्य के दौरान जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। सांसद ने संकेत दिया कि वह परियोजना की प्रगति पर आगे भी नजर रखेंगी।
कीला एराल फ्लाईओवर परियोजना को पूरा होने में अभी समय लगेगा, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक यदि काम निर्धारित योजना के अनुसार चलता रहा तो अगले साल के अंत तक फ्लाईओवर को पूरा किया जा सकता है।
फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद एट्टायपुरम और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। तीन एक्सेस पॉइंट के जरिए स्थानीय लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देने की योजना है। अब स्थानीय नागरिकों की नजर इस बात पर रहेगी कि परियोजना समयसीमा के भीतर पूरी होती है या नहीं।
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