
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा है कि वह शुक्रवार (5 जून) को एक नए मूवमेंट की शुरुआत का औपचारिक ऐलान करेंगे। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विभिन्न राजनीतिक दलों में इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
के. अन्नामलाई ने अपने करियर की शुरुआत कर्नाटक में एक पुलिस अधिकारी के रूप में की थी। उन्होंने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और 2020 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें तमिलनाडु BJP का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और लगातार DMK तथा AIADMK दोनों के खिलाफ तीखे राजनीतिक बयान दिए, जिससे वे चर्चा में बने रहे।
2022 के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में उन्होंने BJP को अकेले चुनाव लड़ाने का फैसला लिया। उस चुनाव में पार्टी को करीब 5 प्रतिशत वोट मिले। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में अन्नामलाई के नेतृत्व में बनी अलग रणनीतिक टीम को लगभग 18 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि BJP को 11.3 प्रतिशत वोट मिले। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद पार्टी को लोकसभा में कोई सीट हासिल नहीं हो सकी।
इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP ने AIADMK के साथ गठबंधन किया। इसी दौरान अन्नामलाई को तमिलनाडु BJP अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और उनकी जगह नैना नागेंद्रन को नया अध्यक्ष बनाया गया। गठबंधन के बावजूद चुनाव परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं रहे और यह गठबंधन राज्य में तीसरे स्थान पर रहा। BJP को इस चुनाव में केवल एक सीट मिली और लगभग 2.8 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई कि के. अन्नामलाई पार्टी छोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं। हालांकि इसी बीच उन्होंने दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी महासचिव पी.एल. संतोष से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में उन्होंने अपने आगामी फैसले के बारे में भी जानकारी दी है।
अन्नामलाई के नए मूवमेंट की घोषणा को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे राज्य की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे BJP के भीतर उनकी आगे की भूमिका से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल उनके शुक्रवार के ऐलान का इंतजार किया जा रहा है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।





