तमिलनाडू

Madras हाईकोर्ट का अहम फैसला: धर्म अपनाने के बाद मंदिर में प्रवेश से नहीं रोका जा सकता

Kanchan Paikara
1 July 2026 4:19 PM IST
Madras हाईकोर्ट का अहम फैसला: धर्म अपनाने के बाद मंदिर में प्रवेश से नहीं रोका जा सकता
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Chennai। चेन्नई:मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति विधिवत रूप से हिंदू धर्म स्वीकार कर लेता है, तो उसे मंदिर में दर्शन और पूजा से रोका नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल जन्म के आधार पर हिंदू मानना सही नहीं है, बल्कि उसकी आस्था और जीवनशैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यह मामला तमिलनाडु के तंजावुर जिले स्थित श्री अरुलमिघु अभिष्ट वरदराज पेरुमल मंदिर
से जुड़ा है। यहां एक अमेरिकी महिला, जिसने हिंदू धर्म अपनाया था, को मंदिर में प्रवेश से रोक दिया गया था। मंदिर प्रशासन की ओर से यह कहा गया कि वह ‘बाहरी व्यक्ति’ है, इसलिए उसे दर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
महिला ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में बताया गया कि उसने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म स्वीकार किया है और वह नियमित रूप से हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करती है। इसके बावजूद उसे मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे उसके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति भारथा चक्रवर्ती ने कहा कि याचिकाकर्ता के आचरण, जीवनशैली और धार्मिक आस्था से यह स्पष्ट होता है कि उसने वास्तविक रूप से हिंदू धर्म को अपनाया है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि केवल जन्म के आधार पर किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान तय नहीं की जा सकती।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता महिला को किसी भी परिस्थिति में मंदिर में प्रवेश और दर्शन से वंचित न किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म के प्रति आस्था और श्रद्धा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय उन मामलों के लिए एक उदाहरण बनेगा, जहां धर्म अपनाने के बाद भी लोगों को सामाजिक या संस्थागत बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
अदालत ने अपने अवलोकन में यह भी संकेत दिया कि धार्मिक स्थानों पर प्रवेश को लेकर भेदभावपूर्ण रवैया स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब व्यक्ति ने विधिवत रूप से उस धर्म को स्वीकार कर लिया हो और उसकी परंपराओं का पालन कर रहा हो।
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